चैत्र मास के नवरात्र आज शुरू हो गए हैं। वृषभ स्थिर लग्न में सुबह 8:05 से 10:01 बजे तक का पूजन का मुहूर्त सबसे अच्छा बताया गया है। जो श्रद्धालु किसी कारण से अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापना न कर सकें, वे दोपहर में 3.17 बजे के बाद से सूर्यास्त तक कर सकते हैं। मेरठ शहर के 550 मंदिरों में आयोजन होंगे। नौ दिन देवी मां के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाएगी।
चैत्र नवरात्र: मां दुर्गा की पूजा-अर्चना संग हुई घट स्थापना, आज शैलपुत्री की आराधना, मंदिरों में गूंजे जयकारे
विक्रम संवत् 2081 प्रतिपदा दिन मंगलवार चैत्र नवरात्र व्रत का प्रथम दिन है। इसकी प्रथम आराध्या देवी माता शैलपुत्री हैं। माता का यह रूप अनेकानेक नामों से लोक प्रसिद्ध है।
सती, पार्वती, दुर्गा, उमा, अपर्णा, गौरी, माहेश्वरी, शिवांगी, शुभांगी, पर्वतवासिनी। पूर्व जन्म में इनके पिता राजा दक्ष थे। राजा दक्ष ने प्रजेश होने पर यज्ञ किया, परन्तु अपने दामाद शिव को निमंत्रित नहीं किया। सती भगवान शंकर की स्वीकृति के बिना पिता के यहां चली गईं।
यज्ञ स्थल पर अपने तिरस्कार एवं शिव का आसन न देखकर कुपित सती यज्ञाग्नि में कूद पड़ीं। उधर, शिव की समाधि भंग हुई तो उन्होंने वीरभद्र नामक गण को यज्ञ स्थल पर भेजा। वीरभद्र ने यज्ञशाला का विध्वंस किया और सती के जलते शरीर को लेकर चल पड़ा। धरती पर सती के अंग जिस-जिस स्थान पर गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हो गए।
सती का अगला जन्म शैलराज की पुत्री पार्वती के रूप में हुआ। घोर तपस्या के बाद शिव ने उनका वरण किया। पर्वतराज की पुत्री होने के कारण माता के इस प्रथम रूप का नाम शैलपुत्री पड़ा। नवरात्र के प्रथम दिन देवी के उपासक घटस्थापना, अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित कर माता के प्रथम चरित्र का पाठ कर मंगल फल प्राप्त करेंगे।
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मेरठ में इन प्रमुख मंदिरों में होंगे कार्यक्रम
शहर के बाबा औघड़नाथ मंदिर, दक्षिणेश्वरी भद्रकाली मंदिर, देवी मंदिर भाटवाड़ा, दुर्गा मंदिर दिल्ली रोड, नौचंदी स्थित चंडी देवी मंदिर, जयदेवीनगर शक्तिधाम मंदिर, मंशा देवी मंदिर जागृति विहार और सिटी स्टेशन रोड, अन्नपूर्णा मंदिर और शाकंभरी देवी मंदिर वेस्ट एंड रोड पर आयोजन होंगे। वहीं पहले नवरात्र के दिन मंदिरों में माता के दर्शन, पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
बाबा औघड़नाथ मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। सोमवार को बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर समिति की ओर से बैठक भी की गई। मंदिर समिति के महामंत्री सुनील गोयल ने बताया कि प्रथम कि नवरात्र को मंदिर प्रांगण में दुर्गा माता मंदिर के सामने ध्वज का आयोजन किया जाएगा।