फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Kalayukt Navsamvatsar: Hindu new year starts, Magal is the king, more auspicious festivals

कालयुक्त नवसंवत्सर आज से: मंगल होंगे राजा, मांगलिक उत्सव होंगे ज्यादा, इसी दिन हुआ था श्रीराम का राज्याभिषेक

Tue, 09 Apr 2024 08:16 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 09 Apr 2024 08:16 AM IST
सार

चैत्र मास की प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। यह आज से शुरू हो रहा है। कहा जाता है कि इसी दिन सृष्टि का निर्माण हुआ था और इसी दिन श्री राम का राज्याभिषेक किया गया था।

विज्ञापन
Kalayukt Navsamvatsar: Hindu new year starts, Magal is the king, more auspicious festivals
हिंदू नववर्ष चैत्र नवरात्रि

विस्तार

शीत ऋतु को विदा करते हुए वसंती परिवेश के साथ हिंदू नवसंवत्सर नौ अप्रैल यानी आज से शुरू हो रहा है। भारत में बड़ा वर्ग चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नववर्ष का उत्सव मनाता है। सनातन धर्म के अनुसार इसी दिन सृष्टि का आरंभ हुआ था। इस बार कालयुक्त नवसंवत्सर के राजा मंगल हैं। उनके प्रभाव से मांगलिक कार्य भी ज्यादा होंगे।

विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि इस तिथि से ही नया पंचांग प्रारंभ होता है। वर्ष भर के पर्व, उत्सव और अनुष्ठानों के शुभ मुहूर्त भी निश्चित किए जाते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस साल मंगल और शनि का प्रभाव रहेगा। 

विज्ञापन

इससे कृषि, कला, व्यापार, विज्ञान, संगीत, फिल्म और संचार क्षेत्रों में नई उपलब्धियां देखने को मिलेंगी। शनि के मंत्री बनने से प्रशासक वर्ग, राजनेताओं का व्यवहार लोगों के प्रति कठोर और असंतोषजनक रहेगा।

आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार जब राजा मंगल होता तो उस वर्ष कहीं तो वर्षा बहुत अधिक होती है और कहीं बहुत कम। वहीं, मांगलिक कार्य, मांगलिक उत्सव अधिक होंगे। लोगों में दान दया एवं धार्मिक कार्यों की प्रवृत्ति बढ़ेगी। स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ेगी। वहीं, भूकंप, अग्नि भय, राजनीतिक युद्ध की स्थितियां भी बन सकती हैं। आयुर्वेद, योग, चिकित्सा संबंधी प्रणाली का प्रसार अधिक होगा।


 

इस बार संवत्सर का नाम है कालयुक्त
हिंदू ग्रंथों में 60 संवत्सरों का उल्लेख है। ये क्रमवार चलते हैं। इसी क्रम में संवत 2081 को कालयुक्त नाम से जाना जाएगा। हिंदू नववर्ष भारतीय इतिहास में अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है।

आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि पुराण, ग्रंथों के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को ही त्रिदेवों में से एक ब्रह्मदेव ने सृष्टि की रचना की। हिंदू समाज भारतीय नववर्ष का पहला दिन हर्षोल्लास से मनाते हैं
 

विज्ञापन

श्रीराम का हुआ था राज्याभिषेक
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि श्रीराम और युधिष्ठिर का राज्याभिषेक इसी दिन हुआ। मां दुर्गा की साधना के लिए चैत्र नवरात्रि का प्रथम दिवस होता है। आर्यसमाज का स्थापना दिवस और संत झूलेलाल की जयंती होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिन भी इसी दिन है। अन्य कारणों से भी यह दिन विशेष बन जाता है।

संवत्सर का नाम- कालयुक्त
संवत का राजा- मंगल
संवत्सर का मंत्री- शनि

संवत्सर सेनापति- शुक्र
संवत्सर का वास- वैश्य के घर

संवत्सर का वाहन- वृषभ (बैल)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed