जो दशकों तक नहीं हुआ, वह अब लाॅकडाउन में होता दिख रहा है। पांच दशकों में हवा इतनी शुद्ध नहीं हुई, जितनी अब हुई है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में वायु प्रदूषण का स्तर 40 से भी नीचे पहुंच गया है।
नैसर्गिक खूबसूरती: गंगोत्री-यमुनोत्री 200 किलोमीटर दूर, लेकिन यहां छतों से ही दिख रहा बर्फ से लकदक पहाड़ियों का नजारा
रविवार को मौसम के बदलते मिजाज के बीच एक बार फिर प्रकृति ने सहारनपुर से उत्तरखंड की मनोरम बर्फ से ढकी पहाड़ियों का दीदार कराया है।
रविवार दोपहर को आंधी-तूफान के बाद हल्की बारिश हुई। दोपहर बाद आंधी-तूफान जैसे ही थमा तो सुदूर गंगोत्री की पवर्त श्रंखला का अद्भुत नजारा सहारनपुर में फिर से दिखाई दिया।
इनकम टैक्स अधिकारी दुष्यन्त ने दोपहर 2 बजे सहारनपुर अपने निवास स्थान से करीब 150 किलोमीटर एरियल दूरी पर बर्फ से लकदक पहाड़ियों को उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित सूपिन रेंज को कैमरे में कैद किया।
दूसरी ओर जिले के प्रकृति प्रेमी डॉ. विवेक बनर्जी ने यमुनोत्री पर्वत श्रृंखला की बर्फ से ढकी चकराता रेंज की पहाड़ियों के खूबसूरत नजारों की ढेर सारी तस्वीरें खींचीं।
इन तस्वीरों को पर्यावरण प्रेमी और सहारनपुर के कमिश्नर संजय कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंटर पर भी शेयर किया।
इससे पहले जिले के अमर उजाला संवाददाता के कैमरे में कैद हुई इन पहाड़ियों की तस्वीरें प्रकाशित की गई थीं। जिन्हें बाद में कई मीडिया चैनल और अन्य अखबारों ने भी बारी बारी से प्रकाशित किया।
जिले में आम दिनों में जहां प्रदूषण के कारण इन पर्वत श्रंखलाओं का नजारा करना नामुमकिन हो जाता है। वहीं लाॅकडाउन के बाद से मौसम में नमी आते ही या हल्की बूंदाबादी के बाद भी सहारनपुर में घरों के छतों पर से भी ये पर्वतमालाएं साफ देखी जा सकती हैं।