पश्चिमी यूपी में रविवार शुक्रवार और शनिवार को चिलचिलाती गर्मी के बाद रविवार को मौसम नम हो गया। आज सुबह से ही कई जिलों में घटा छाई रही। सभी जगह तेज अंधड चला तो कहीं धूल भरी आंधियां चलने से पेड़ सड़क पर उखड़कर गिर गए। वहीं मेरठ में शहर के लेकर देहात तक दिन में ही अंधेरा छा गया। यहां तक कि वाहनों को भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। आगे तस्वीरों में देखें कहां कैसा रहा मौसम का हाल:-
Weather: बागपत में भूकंप के झटके, पेड़ गिरने से बुजुर्ग की मौत,पश्चिमी यूपी में आंधी बारिश से किसानों को नुकसान
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मेरठ समेत आसपास के सभी जिलों में रविवार सुबह अचानक बदले मौसम से दिन में अंधेरा छा गया। आंधी और बारिश से बाजारों में खरीदारी को आए लोग वापस लौट गए। आम के बाग और गेहूं की फसल को काफी नुकसान की संभावना है।
बागपत में भी आज पूरा दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। वहीं दोपहर को भूकंप के झटके भी महसूस किए गए। जिले में धूल भरी आंधियां चली और हल्की बूंदाबांदी हुई। सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ।
वहीं बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। गेहूं की थ्रेसिंग का कुछ कार्य अभी बचा हुआ है जिससे किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा । इसके अलावा गन्ने की छिलाई और तोल का कार्य भी रोक देना पड़ा। बिजवाड़ा गांव में तेज आंधी के कारण नीम का पेड़ गिर गया। जिससे पेड़ के नीचे सो रहे नब्बे वर्षीय बुजुर्ग चमन की मौत हो गई।
शामली जिले में सुबह करीब दस बजे अचानक मौसम बदला और काले बादल छा गए। कुछ ही देर में तेज आंधी शुरू हुई और दिन में ही अंधेरा छा गया। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई और शाम तक जारी रही।
लॉकडाउन में जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुली थी, लेकिन तेज आंधी और बारिश के कारण बाजारों में खरीदारी कर रहे लोग भी इधर उधर बचते नजर आए। फल और ठेले वाले भी बारिश के कारण समय से पहले ही घरों को लौट गए। जनपद के देहात क्षेत्रों झिंझाना गढ़ी पुख़्ता कैराना थाना भवन आदि क्षेत्रों में भी यही हाल रहा।
लोग बोले, दो महीने में पहली बार लगा रात को खुली हैं दुकानें
दरअसल मार्च में हुए लॉकडॉन के बाद दुकानें और बाजार बंद है। केवल दिन में ही कुछ घंटों के लिए आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलती है, लेकिन रविवार को दिन में ही अंधेरा छा जाने से बाजार में खुली दुकानों की लाइट जल गईं। ऐसा लगा कि मानो करीब 2 महीने बाद रात के समय भी बाजार खुले हैं।
मुजफ्फरनगर में भी धूल भरी आंधी के साथ दिन में ही अंधेरा छाया रहा। इसके बाद तेज बारिश हुई। एक तो लॉक डाउन के कारण फसलों को बाजार में भाव नहीं मिल रहे। दूसरे मौसम की मार। खेत में भीगने से गेहूं की फसल खराब हो रही तो आंधी से आम के बागों में काफी नुकसान है।