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Riots: आखिर क्या था मलियाना नरसंहार, जिसने हिलाकर रख दिया था पूरा देश, आग के हवाले किए 106 मकान, पीड़ित बोले..

Sun, 02 Apr 2023 05:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 02 Apr 2023 05:19 PM IST
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1987 Riots: know all about Maliana massacre, which shook the country, 106 houses were set on fire
मलियाना नरसंहार, मलियाना दंगा, मलियाना कांड - फोटो : अमर उजाला

मई 1987 को मेरठ शहर में एक दिन के अंतराल में दो ऐसे दंगे हुए जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। 22 मई को हाशिमपुरा में हुए दंगे की चिंगारी से शहर झुलस उठा था। धार्मिक उन्माद की भड़की चिंगारी के बाद आपसी भाई चारा भी टूट गया। 36 साल बाद मामले में अदालत का फैसला आया तो पीड़ितों के जख्म फिर से ताजा हो गए। आज भी लोग उस मंजर को याद कर सहम जाते हैं। भले ही आज लोग क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बना हुआ है लेकिन इस दंगे को याद कर लोगों की आंखे नम हो जाती हैं। 



शब-ए-बारात के मौके पर भड़की दंगे की चिंगारी से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि दोबारा धार्मिक उन्माद की चिंगारी भड़क उठी और पूरे शहर को जैसे दंगे की आग में झोंक दिया। हाशिमपुर दंगे के बाद पुलिस, पीएसी, पैरामिलिट्री और सेना शहर में दंगे को काबू करने में लगी थी। लेकिन 24 घंटे भी नहीं बीत पाए थे कि हाशिमपुरा से सात किमी की दूरी पर मलियाना में भी दंगा फैल गया। देखते ही देखते पूरा शहर छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

1987 Riots: know all about Maliana massacre, which shook the country, 106 houses were set on fire
मलियाना नरसंहार, मलियाना दंगा, मलियाना कांड - फोटो : अमर उजाला

दरअसल, 14 अप्रैल 1987 को मेरठ में धार्मिक उन्माद की चिंगारी भड़की थी। लेकिन स्थानीय फोर्स ने शहर को शांत कराने के लिए कोशिश की। गुलमर्ग सिनेमा से शुरू हुआ तनाव बढ़ता चला गया। 19 मई 1987 को तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री पी. चिदंबरम और यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह भी मेरठ पहुंचे थे।

तत्कालीन मुख्यमंत्री ने खुद कहा था कि सुरक्षा कड़ी है और बाहर से भी फोर्स लगाई जा रही है। लेकिन इसके तीन दिन बाद 22 मई को हाशिमपुरा कांड हो गया जिसमें 42 लोग मारे गए। शहर के कई हिस्सों में पीएसी तैनात कर दी गई। लेकिन दूसरे समुदाय के लोगों ने पीएसी का विरोध जताया, कुछ स्थानों से पीएसी को हटाकर सेना और पैरामिलिट्री फोर्स प्रशासन ने तैनात की।

1987 Riots: know all about Maliana massacre, which shook the country, 106 houses were set on fire
मलियाना नरसंहार - फोटो : अमर उजाला

22 मई 1987 के दंगे के मात्र 24 घंटे बाद 23 मई को मलियाना दंगे की चपेट में आ गया। मलियाना में भी मिश्रित आबादी थी। लेकिन दंगे ने दोनों ही समुदाय के लोगों में आपसी भाईचारा खत्म कर दिया। पूरा मलियाना सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में आ गया।

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1987 Riots: know all about Maliana massacre, which shook the country, 106 houses were set on fire
मलियाना नरसंहार, मलियाना दंगा, मलियाना कांड - फोटो : अमर उजाला

23 मई की रात होते ही पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। पता नहीं चला कि आग की लपटें कहां से उठ रही हैं और धुआं कहां तक जा रहा है। हर तरफ दहशत और खौफ था, जिसने भी यह मंजर देखा, वह हाथ जोड़कर यही कहता था कि, किसी तरह शहर बच जाए।

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1987 Riots: know all about Maliana massacre, which shook the country, 106 houses were set on fire
मलियाना नरसंहार, मलियाना दंगा, मलियाना कांड - फोटो : अमर उजाला

वहीं मलियाना में भी ऐसे ही जख्म दिए गए जो आज तक भी नहीं भर पाए। यहां करीब 106 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। चारों तरफ भारी संख्या में सेना के अलावा पैरामिलेट्री और पीएसी ही शहर की सड़कों पर नजर आती थी। मलियाना का अधिकांश भाग तहस-नहस हो गया।

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