कुशीनगर के नौरंगिया गांव से बरात बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे महराजगंज के खेसरारी टोला पकड़ीयहवा में सुरेंद्र कुशवाहा के घर पहुंची। बरात में दूल्हा समेत पांच बराती शामिल थे। शादी भी सादगी के साथ हुई।
हल्दी की रात 13 लोगों की गई थी जान: चिता जलने के बाद दूल्हा समेत आए पांच बराती, सादगी से हुई शादी
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बरात के पहुंचने पर द्वार पूजा और शादी की रस्में सादगी से पूरी की गईं। साथ ही गांव के लोगों ने हादसे के शिकार हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
खेसरारी गांव के पकड़ीयहवां टोले के रहने वाले सुरेंद्र कुशवाहा कुछ बोलने के पहले फफक कर रो पड़े। इस घटना से गमगीन सुरेंद्र ने बताया कि बेटी सीमा की शादी धूमधाम से करने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। ईश्वर ने ऐसा कर दिया कि आजीवन न भूलने वाली घटना हो गई।
बुधवार की रात हल्दी के मटकोड़ की रस्म के दौरान अचानक कुएं का स्लैब टूट गया और 25 से अधिक महिलाएं, युवतियां व बच्चे भरभराकर कुएं में गिर गए। इस दौरान दो बच्चियां सहित 13 महिलाओं की कुएं के अंदर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम छा गया।