PHOTOS जेल से निकलती महिला का नाम है माया...15 साल पहले लगे एक आरोप से यूपी में फैली थी सनसनी
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इस मामले में पुलिस ने पड़ोसी छोटे पांडेय और उसकी भाभी माया पत्नी बाबू पांडेय को नामित कर हत्या कर साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटना के दूसरे दिन गिरफ्तार कर जिला कारागार में निरुद्घ कराया था।
अदालत में मुकदमे की सुनवाई के बाद 21 नवंबर 2011 को अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया शासन स्तर पर स्थायी समिति की बैठक में महिला कैदी माया की आगे की सजा माफ कर दी है। जिसे शनिवार को उसे जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।
महिला के जेल से निकलते ही उसके भतीजे विजय ने गुलाब के फूलों की माला डालकर बुआ का स्वागत किया। भतीजा संजू व रिश्तेदार देव नारायन पांडेय भी आए थे। रिहाई के बाद महिला ने बताया महिमा को उसने एक महीने की उम्र से पाला था। भला वह उसकी हत्या कैसे कर सकती है।