27 लाख हाे गए स्वाहा फिर भी नहीं मिली गरमाहट
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इसमें 25 लाख रुपये खर्च हो गए। 55 स्थानों में अलाव जलाने में 2.50 लाख रुपये खर्च बताए गए। दैवी आपदा/राहत विभाग के मुताबिक शासन ने दूसरे चरण में कंबल के लिए साढ़े 25 लाख और अलाव के लिए 2.50 लाख रुपये और स्वीकृत किए हैं।
पांचों तहसीलों को कंबल के लिए पांच-पांच लाख और अलाव के लिए 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। उधर, स्थानीय निकाय अलाव के अलग खर्च बताया गया है। उधर, प्रशासन के कागजों में मंडल मुख्यालय बांदा शहर में चार रैन बसेरा चल रहे हैं।