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पति की जहां जली चिता वहीं रिकीं का हुआ अंतिम संस्कार, मां का शव देख पांच माह के बेटे का रो रोकर हुआ हाल बेहाल

Sat, 12 Sep 2020 04:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 12 Sep 2020 04:02 PM IST
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Where husband's funeral pyre was burnt, Rinke was cremated
महिला सिपाही की गाेद में रिंकी का बेटा - फोटो : अमर उजाला
पति की हत्या के बाद से तन्हा जी रही महिला सिपाही ने गुरुवार रात खुद की जिंदगी खत्म कर ली। उसने गाजीपुर के लोहटा स्थित ममिया ससुर के घर में फांसी लगाकर जान दे दी। इसी के साथ बचपन की एक प्रेम कहानी का दुखद अंत भी हो गया। महिला सिपाही ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा था।


 
Where husband's funeral pyre was burnt, Rinke was cremated
महिला सिपाही के पति की धारदार हथियार से हुई थी हत्या - फोटो : अमर उजाला
सूचना पर तड़के करीब पांच बजे पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पांच माह के बेटे शिवाय की जिम्मेदारी मनीष के छोटे भाई को सौंप गईं है। पोस्टमार्टम के बाद महिला सिपाही रिंकी के शव को उसकी गौसपुर स्थित ससुराल ले जाया गया।

 
Where husband's funeral pyre was burnt, Rinke was cremated
पिता ने की थी दामाद की हत्या, काली टी शर्ट में मनीष और रिंकी - फोटो : amar ujala
कुछ देर शव को यहां रोककर पति मनीष के बाग में ले जाया गया और उसी स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया जहां मनीष का हुआ था। सुसाइड नोट में रिंकी ने ऐसा करने की इच्छा जाहिर की थी। उधर, पांच माह के बेटे शिवाय का मां के बिना रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। हर कोई उसे चुप कराने का प्रयास कर रहा था।

 
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Where husband's funeral pyre was burnt, Rinke was cremated
मनीष और रिंकी - फोटो : amar ujala
रिंकी के मायके पक्ष से कोई भी उसके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। देवर मंदीप ने उसे मुखाग्नि दी। शाम करीब पांच बजे रिंकी के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके गौसपुर स्थित ससुराल में ले जाया गया। शव पहुंचते ही चीख पुकार मच गई और लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। 

 
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Where husband's funeral pyre was burnt, Rinke was cremated
घटना के बाद बदहवास रिंकी के परिजन - फोटो : amar ujala
मां को देखते ही रो पड़ा पांच माह का शिवाय
पांच माह का शिवाय हर वक्त मां के साथ रहता था। जब उसे मां के अंतिम दर्शन के लिए पास ले जाया गया तो उसने मां को देख अपनी बाहें खोल दी, लेकिन इस बार अपने लाल के लिए मां अपनी बांहें नहीं खोल सकी। यह नजारा देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। रिंकी का ससुराल के बगल में ही मायका है। लेकिन मनीष की हत्या के बाद से रिंकी के घर के सभी लोग लापता हैं। उम्मीद थी कि रिंकी की मां तो कम से कम आएगी लेकिन वह भी नहीं आईं।
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