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विकास दुबे के साथ साये की तरह रहने वाले खूंखार को पुलिस ने दबोचा, बताया पुलिस वालों को कैसे मारा था
Thu, 10 Sep 2020 03:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 10 Sep 2020 03:28 PM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू में दो जुलाई की रात आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपियों को पुलिस एक-एक कर दबोच रही है। दहशतगर्द विकास दुबे के गनर अखिलेश दीक्षित को पुलिस ने बुधवार को चौबेपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। विकास दुबे के साथ मिलकर अखिलेश ने अपनी लाइसेंसी राइफल से पुलिसकर्मियों पर गोलियां दागीं थीं।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बिल्हौर सीओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान अखिलेश का नाम सामने आया था। वह रूरा (कानपुर देहात) के गुटैया का रहने वाला है। वह अधिकतर समय विकास के साथ ही रहता था। वारदात की रात विकास के साथ अखिलेश भी मौजूद थे। उसने अपनी राइफल से तीस-चालीस राउंड फायर कर पुलिसकर्मियों की हत्या की थीं।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
उसकी निशानदेही पर जंगल से उसकी लाइसेंसी राइफल बरामद की गई। फरारी के दौरान कई शहरों के साथ चित्रकूट में भी वह छिपा था। सीओ ने बताया कि अखिलेश पिछले साल पत्नी की हत्या में जेल गया था। इसी साल जून में वो जमानत पर छूटा था। तब से विकास दुबे के साथ साये की तरह रह रहा था। जमानत करवाने में विकास ने उसकी मदद की थी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
अभी तक पुलिस इस मामले में 21 लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के सात साथी सरेंडर कर चुके हैं। वहीं इस घटना में शामिल कुछ बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।