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विकास दुबे की अस्थियां लेने कानपुर आए पत्नी-बेटा, मृत्यु प्रमाणपत्र लेने नगर निगम कार्यालय भी गए
Tue, 18 Aug 2020 05:51 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 18 Aug 2020 05:51 PM IST
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विकास दुबे की अस्थियां लेने कानपुर आए पत्नी-बेटा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दहशतगर्द विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे सोमवार दोपहर बड़े बेटे आकाश दुबे व अधिवक्ता संग भैरव घाट पति की अस्थियां लेने पहुंची। इसके बाद वह मृत्यु प्रमाणपत्र लेने भैरवघाट स्थित नगर निगम के कार्यालय गईं, लेकिन थाने से वहां कोई कागजात न भेजने के चलते उन्हें बिना प्रमाणपत्र के ही लौटना पड़ा।
विकास दुबे फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दो जुलाई की देर रात विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर पुलिस टीम ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। वारदात में सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। एसटीएफ ने उसे 10 जुलाई को मुठभेड़ में मार गिराया था।
विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
भैरवघाट विद्युत शवदाह गृह पर उसका अंतिम संस्कार करा दिया था। सोमवार दोपहर उसकी पत्नी रिचा दुबे ने अपने बडे़ बेटे व अधिवक्ता ब्रह्मदेव प्रताप मौर्या, आलोक शर्मा संग भैरवघाट स्थित बिजली शव दाह गृह पहुंचकर विकास की अस्थियां लीं।
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विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
डीआईजी ने मिलने से किया इंकार
सूत्रों के अनुसार भैरवघाट से निकलते ही रिचा ने डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह को कॉल कर मिलने की इच्छा जाहिर की, लेकिन उनका फोन डीआईजी के पीआरओ ने उठाया और बाद में बात करने की बात कही।
सूत्रों के अनुसार भैरवघाट से निकलते ही रिचा ने डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह को कॉल कर मिलने की इच्छा जाहिर की, लेकिन उनका फोन डीआईजी के पीआरओ ने उठाया और बाद में बात करने की बात कही।
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विकास दुबे फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
चार बार कॉल करने के बाद भी डीआईजी से कोई रिस्पांस न मिलने पर उन्हें लौटना पड़ा। सूत्रों के अनुसार विकास ने अपने नाम से एलआईसी में कई जीवन बीमा पालिसी कराई थीं। उनकी जानकारी लेने के लिए वह एलआईसी कार्यालय भी गई।