कानपुर: हनुमान अंश की टीम सीएसजेएमयू पहुंची, साझा किए अपने अनुभव, भक्तिमय हुआ संस्थान
जेन-जी के सीताराम-जयसिया राम के उद्घोष से सीएसजेएमयू गूंज उठा। हनुमान अंश की टीम ने अपने अनुभव साझा किए।
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छत्रपति शाहूजी महाराज विवि का जेन-जी से खचाखच भरा ऑडिटोरियम सीताराम, जय सियाराम, पवनसुत हनुमान की जय के उद्घोष के साथ गूंज उठा। मौका था सीएसजेएमयू पहुंची फिल्म हनुमान अंश की टीम के सम्मान समारोह का। कम बजट में बनी फिल्म की अपार सफलता के बाद विवि पहुंचे ‘हनुमान अंश’ के लेखक, निर्देशक एवं निर्माता डॉ. विशाल चतुर्वेदी, एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर पीयूष ठाकुर, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या, अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी, संगीत निर्देशक एवं गायक साधु तिवारी, संगीत निर्देशक, गायक एवं पोस्ट प्रोड्यूसर ऋषि पाठक तथा एसोसिएट एडिटर रितिश केशरवानी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या वंदना पाठक ने की।
हनुमान अंश फिल्म में कोई भी चर्चित चेहरा न होने के बावजूद विवि के युवा घंटों टीम के इंतजार में बैठे रहे। जैसे ही टीम ने ऑडिटोरियम में प्रवेश किया युवाओं ने खड़े होकर कलाकारों का अभिवादन किया। फिल्म निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ महज 15 दिनों की तैयारी में बनाई गई थी। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विज्ञान के विद्यार्थी होने के बावजूद समय के साथ उनका रुझान अध्यात्म की ओर बढ़ा।
उन्होंने कहा कि हम सभी आध्यात्मिक प्राणी हैं और प्रत्येक व्यक्ति के भीतर आत्मा का वास है। जीवन में हम भले ही कितनी भी समस्याओं और परिस्थितियों में उलझे रहें, लेकिन जीवन की यात्रा एक न एक दिन हमें अध्यात्म की ओर अवश्य ले जाती है।उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की इंद्रियों, भावनाओं और सांसों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमारे भीतर ही ईश्वर का वास है, जिसे हम स्वयं अनुभव कर सकते हैं। जिस दिन हम अपने भीतर मौजूद ईश्वर को देख और अनुभव कर लेंगे, उसी दिन हमारी जीवन-यात्रा भी पूर्ण हो जाएगी।