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बिकरू कांड की गवाह जेसीबी का आरटीओ से होगा सत्यापन, जेसीबी लगाकर ही रोका था रास्ता, फिर बरसाई थी गोलियां
Thu, 04 Feb 2021 11:45 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 04 Feb 2021 11:45 AM IST
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बिकरू कांड में इस्तेमाल की गई जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में इस्तेमाल की गई जेसीबी के मालिक ने रिलीज करने के लिए विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित रामकिशोर की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। बुधवार को एडीजीसी ने जेसीबी के कागजात आरटीओ से सत्यापन कराने का प्रार्थना पत्र दिया है। अदालत ने अब सुनवाई की अगली तारीख 10 फरवरी निर्धारित की है।
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि जेसीबी मालिक के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि गांव की सड़क बनाने के लिए भीठी गांव के ग्राम प्रधान विष्णुपाल सिंह उर्फ जिलेदार सिंह ने जेसीबी को किराये पर लिया था। घटना के बाद से जेसीबी को चौबेपुर थाने में खड़ा कराया गया है जिससे वह खराब हो रही है। जेसीबी फाइनेंस की गई है। कमाई न होने से फाइनेंस की किस्त भी अदा नहीं हो पा रही हैं। बता दें कि विकास दुबे ने जेसीबी रास्ते में खड़ी करके ही पुलिस को अपने घर तक आने से रोका था। बीच रास्ते में जेसीबी खड़ी होने से पुलिस वहीं रुक गई थी और हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दी थीं।
विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
शस्त्र लाइसेंस मामले में अंजलि की अग्रिम जमानत खारिज
तथ्य छिपाकर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में बिकरूकांड के आरोपी दीपक दुबे उर्फ दीपक की पत्नी अंजलि की अग्रिम जमानत एंटी डकैती कोर्ट ने खारिज कर दी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि दीपक दुबे, विकास दुबे का भाई है। दीपक की पत्नी अंजलि को गलत सूचना देकर शस्त्र लाइसेंस लेने का आरोपी बनाया गया है। उसका शस्त्र लाइसेंस वर्ष 2008 में जारी किया गया था। पति के विरुद्ध दर्ज मुकदमे के आधार पर लाइसेंस 2017 में निरस्त किया गया था। जिसे आयुक्त कानपुर मंडल न्यायालय ने बहाल किया था।
तथ्य छिपाकर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में बिकरूकांड के आरोपी दीपक दुबे उर्फ दीपक की पत्नी अंजलि की अग्रिम जमानत एंटी डकैती कोर्ट ने खारिज कर दी है। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि दीपक दुबे, विकास दुबे का भाई है। दीपक की पत्नी अंजलि को गलत सूचना देकर शस्त्र लाइसेंस लेने का आरोपी बनाया गया है। उसका शस्त्र लाइसेंस वर्ष 2008 में जारी किया गया था। पति के विरुद्ध दर्ज मुकदमे के आधार पर लाइसेंस 2017 में निरस्त किया गया था। जिसे आयुक्त कानपुर मंडल न्यायालय ने बहाल किया था।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
काम न आया पुरस्कार मिलने का तर्क
बिकरू कांड में आरोपी अंजलि दुबे ने अग्रिम जमानत देने में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से निर्मल ग्राम प्रधान पुरस्कार मिलने का तर्क दिया था। उनके अधिवक्ता ने बताया कि दिया गया प्रमाण पत्र बिकरू गांव में घर पर था। जिसे पुलिस पार्टी ने गिरा दिया है। जिससे वह प्रमाण पत्र संलग्न नहीं कर पाई है। अंजलि की दलीलों को अदालत ने सिरे से नकार दिया।
बिकरू कांड में आरोपी अंजलि दुबे ने अग्रिम जमानत देने में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से निर्मल ग्राम प्रधान पुरस्कार मिलने का तर्क दिया था। उनके अधिवक्ता ने बताया कि दिया गया प्रमाण पत्र बिकरू गांव में घर पर था। जिसे पुलिस पार्टी ने गिरा दिया है। जिससे वह प्रमाण पत्र संलग्न नहीं कर पाई है। अंजलि की दलीलों को अदालत ने सिरे से नकार दिया।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
सभी आरोपियों की सुनवाई अब 16 को
बिकरू कांड में जेल में बंद सभी आरोपियों के न आने से बुधवार को आरोप तय नहीं हो सके। जिससे सुनवाई टल गई। एंटी डकैती कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 16 फरवरी तय की है। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि बुधवार को सुनवाई के दौरान चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी, दरोगा केके शर्मा, जय बाजपेयी, रेखा अग्निहोत्री समेत 34 आरोपी अदालत में हाजिर हुए। जबकि दयाशंकर व विपुल उपस्थित नहीं हुए। जिस कारण आरोप नहीं बन सका।
बिकरू कांड में जेल में बंद सभी आरोपियों के न आने से बुधवार को आरोप तय नहीं हो सके। जिससे सुनवाई टल गई। एंटी डकैती कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 16 फरवरी तय की है। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि बुधवार को सुनवाई के दौरान चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी, दरोगा केके शर्मा, जय बाजपेयी, रेखा अग्निहोत्री समेत 34 आरोपी अदालत में हाजिर हुए। जबकि दयाशंकर व विपुल उपस्थित नहीं हुए। जिस कारण आरोप नहीं बन सका।