उन्नाव जिले के माखी थानाक्षेत्र की रहने वाली युवती ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर जून 2017 में बंधक बनाकर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने थाने में आरोपी विधायक के खिलाफ तहरीर दी थी लेकिन कार्रवाई करने की बात तो दूर पुलिस उसे टरकाती रही। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।
उन्नाव कांडः कभी पीड़ित परिवार और सेंगर के रिश्ते थे बेहद मधुर, फिर आया साल 1990 और कुछ अहम बातें
दरअसल, पुलिस को जांच में पता चला है कि रायबरेली-लालगंज हाईवे पर उन्नाव के चर्चित दुष्कर्म मामले की पीड़िता की कार को टक्कर मारने वाला ट्रक फतेहपुर के सपा नेता व पूर्व जिला सचिव नंदू पाल का है और कुलदीप सिंह सेंगर का भी फतेहपुर से नाता रहा है। यहां उनका पैतृक गांव है। वहीं सपा नेता का कहना है कि इसे साजिश बताकर बेवजह तूल दिया जा रहा है, जबकि यह महज हादसा है। सपा नेता का कहना है कि ट्रक के नंबर प्लेट में कालिख पोतने की वजह केवल फाइनेंसर की नजरों से बचना था।
आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर उनके हर काम में उनका साथ देने वाले व्यक्ति की भतीजी के साथ गलत हरकत न होती तो शायद 2005 में शुरू हुई आपसी रंजिश दुश्मनी में न बदलती। यह बात पहली बार मामला सुर्खियों में आने पर मृतक कैदी के भाई ने कही थी। बंदी की मौत के बाद अब तीन भाईयों में उसका सबसे छोटा भाई महेश ही बचा है।