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विकास दुबे कांड में हैरान करने वाली कार्रवाई: खुशी को जेल और मनु पर मेहरबानी...चौंकाने वाला खुलासा

Fri, 02 Jul 2021 12:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 02 Jul 2021 12:44 PM IST
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Shocking action in Vikas Dubey case: Khushi sent to jail and mercy on Manu
मनु, विकास दुबे, खुशी दुबे - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के दो घटनाक्रम ने तमाम सवाल खड़े किए हैं। सीधे पुलिस पर ये सवाल थे। मगर पुलिस ने किसी की एक न सुनी। हर पहलू को नजरअंदाज किया और मनमर्जी कार्रवाई की। हम बात कर रहे हैं नाबालिग खुशी दुबे को 17 धाराओं का आरोपी बना जेल भेजने और मनु पांडेय पर मेहरबानी करने की।तत्कालीन एसएसपी ने खुशी को निर्दोष बता जेल से रिहा कराने की बात कही थी लेकिन दो दिन के भीतर पुलिस मुकर गई थी। लिहाजा खुशी आज भी महिला शरणालय में बंद है। दूसरी तरफ मनु पांडेय आजाद है। अमर दुबे की 29 जून 2020 को शादी हुई थी। 30 जून को खुशी दुबे बिकरू गांव ब्याह कर पहुंची थी। एक जुलाई का दिन बीता और दो जुलाई की रात विकास दुबे ने कांड कर दिया। पुलिस ने इसमें खुशी दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा।


 
Shocking action in Vikas Dubey case: Khushi sent to jail and mercy on Manu
अमर दुबे और खुशी की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
तब सवाल उठे थे कि जो खुशी दो दिन पहले गांव पहुंची वो इतनी बड़ी साजिश में कैसे शामिल हो सकती है। इस पर तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बयान जारी किया था कि खुशी को जेल से रिहा कराने के लिए पुलिस सीआरपीसी 169 की कार्रवाई करेगी। जिसमें पुलिस कोर्ट में दावा करती है जिसको जेल भेजा गया है वो निर्दोष है। एसएसपी के इस बयान के दो दिन के भीतर अचानक खुशी पर एक के बाद एक आरोप बढ़ाए जाने लगे।

 
Shocking action in Vikas Dubey case: Khushi sent to jail and mercy on Manu
अमर दुबे की पत्नी खुशी को किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिग घोषित किया था - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी से लेकर अन्य अफसर खुशी को जेल से रिहा कराने की बात से मुकर गए। बाद में कोर्ट में खुशी नाबालिग साबित हुई। बाराबंकी स्थित महिला शरणालय में वो बंद है। ये कार्रवाई हर किसी को आज भी खटकती है। खुशी पर पुलिस ने हत्या, डकैती, गिरोह बनाकर हमला करने, बलवा, मारपीट, असलहे लूटना, बदमाशों को उकसाने समेत कुल 17 धाराओं का आरोपी बनाया है।

 
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Shocking action in Vikas Dubey case: Khushi sent to jail and mercy on Manu
अमर दुबे - फोटो : अमर उजाला
सबूतों को पुलिस ने नकार दिया
सीओ देवेंद्र मिश्रा को मनु पांडेय के घर के भीतर मारा गया था। मनु शुरुआती पूछताछ में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार करती रही थी। जब उसका मोबाइल पुलिस के हाथ लगा था तब एक दर्जन से अधिक कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई थीं। जिससे साबित हुआ था कि वारदात के पहले से लेकर अंजाम तक की जानकारी मनु को थी। अपने ससुर को उसी ने बुलाया। उसको पता था कि पुलिस पर हमला किया जाएगा। इसके बावजूद मनु को पुलिस ने आरोपी नहीं बनाया। न ही गवाह बनाया। आज तक ये सवाल बरकरार है कि आखिर मनु पर पुलिस की मेहरबानी क्यों रही।

 
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Shocking action in Vikas Dubey case: Khushi sent to jail and mercy on Manu
एनकाउंटर में मारा गया था अमर दुबे - फोटो : amar ujala
मेरी बेगुनाह बेटी एक साल से सजा काट रही है
खुशी के माता पिता के आज भी घाव ताजे हैं। खुशी की मां गायत्री तिवारी ने कहा कि मेरी बेटी निर्दोष है। इसके बावजूद वो सजा काट रही है। पुलिस ने खुशी के साथ न्याय नहीं किया। अब अदालत पर ही भरोसा है। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि सत्य की जीत होगी। बस इसमें देरी हो सकती है। पुलिस ने ऐसा क्यों किया इस सवाल का जवाब मुझे नहीं मिला।

 
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