फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सावधान! जंक फूड से कर लें तौबा, शरीर के इस अंग पर पड़ रहा है असर

Wed, 04 Apr 2018 08:41 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 04 Apr 2018 08:41 PM IST
विज्ञापन
say no to junk food if you want to keep healthy
डेमो पिक
सावधान! जंक फूड खाने से बच्चों के दांत हो रहे खराब। यह हम नहीं इटावा जिला अस्पताल के चिकित्सक कह रहे है। उनका कहना है कि जंक फूड में कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक होती है। जिससे वैक्ट्रैरिया कनेक्ट होते ही लैटिक एसिड बन जाता है।  जोकि  दांत का कैल्शियम को (डी कैल्शिफिकेशन ) कर देता है, जिससे दांत सॉफ्ट हो जाते है। खराब होना शुरू हो जाते है।   

 

say no to junk food if you want to keep healthy
डेमो पिक
चिकित्सक अतुल कुलकर्णी ने बताया कि बच्चों में दांतों की बीमारी जल्द लगती है। क्योंकि वह समय से दांतों की देखरेख नहीं कर पाते है। जंकफूड खाने बाद अगर अच्छी तरह से मुंह को साफ कर लिया जाए तो बीमार नहीं लग सकती है। लेकिन अमुमन ऐसा होता नहीं है। जिसकी वजह से बच्चों के दांतों कीड़े लगने लगते है। जंक फूड व फास्ट फूड आदि खाने के कारण बच्चों के दांतों में कमजोरी आ रही है। अस्पताल में आने वाले अधिकतर बच्चों की उम्र 6 से 11 साल है।

 

say no to junk food if you want to keep healthy
डेमो पिक

लालपुरा इटावा से अपने 9 साल के पुत्र आदित्य का इलाज कराने आयीं सोभना ने बताया कि उनके बेटे के आगे के कुछ टूटे दांत काफी लंबें समय से नहीं उग रहें हैं तथा उसके दांत में दर्द भी होता हैं। इसलिए इसे डॉण् से परामर्श लेने आयी थी।

जिला अस्पताल के दंत चिकित्सक अतुल कुलकर्णी ने बताया कि जंकफूड व फास्टफूड आदि खाने के कारण बच्चों में दांतो संबंधी समस्या आ रही है।

उन्होंने बताया कि कई बार बच्चे टॉफी आदि खाकर दांतो को सही से साफ नहीं करते हैं जिसके कारण कीड़ा लगने तथा दांत में दर्द  जैसी समस्या आती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के खानपान पर ध्यान रखने की अपील भी की।

विज्ञापन
विज्ञापन
say no to junk food if you want to keep healthy
डेमो पिक
पायरिया के रोगियों की संख्या में बढ़ रही है 
बच्चों के साथ.साथ वयस्क भी दांतों संबंधी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में इलाज कराने वालों में वयस्कों की संख्या भी बड़ी मात्रा में है। डा कुलकर्णी ने बताया कि 18 से 40 साल की उम्र के लोग अक्सर पाइरिया संबंधी इलाज के लिए अस्पताल में आते हैं। उन्होंने बताया कि दांतो की सही तरह से सफाई न करने के कारण दांतो में समस्या आती है। तम्बाकू व गुटखा आदि खाने के कारण भी लोगों को दांत संबंधी समस्या आती है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed