एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में दलितों के एकजुट प्रदर्शन का राजनीतिक असर भी देखने को मिला है। कानपुर में एक दिन पहले तक जो बसपाई भाजपा में शामिल होने की जुगत में लगे थे, वे मंगलवार को बसपा की बैठकों में शामिल हुए। कुछ ने तो आगामी लोकसभा चुनाव में अपना निर्वाचन क्षेत्र भी बसपा के टिकट के जरिये ही तलाशना शुरू कर दिया। कहा जा रहा है कि इस विरोध से बसपा की राजनीति फिर से निकल पड़ी है।
दलित आंदोलनः BSP की राजनीति फिर से निकल पड़ी, BJP में जाने वाले बसपाइयों का कुछ यूं बदला रुख
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 04 Apr 2018 01:34 PM IST
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