दिल्ली-कानपुर जीटी रोड पर घिलोई के पास आमने-सामने भिड़ंत के बाद शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे ट्रक और स्लीपर बस में आग लग जाने से दोनों वाहन धू-धूकर जल उठे। बस में करीब 45 यात्री थे। कई ने कूदकर जान बचाई, वहीं हादसे में 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
कन्नौज: बस और ट्रक में आग लगने की वजह आई सामने, ट्रक ड्राइवर बना यात्रियों के लिए 'यमराज'
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डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि बस या ट्रक में से किसी एक में कोई ज्वलनशील पदार्थ था। जिससे धमाके के साथ आग लगी। जिससे धमाके के साथ आग लगी। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस अपनी दिशा में बेवर की तरफ जा रही थी। बेवर की तरफ से आने वाला ट्रक विपरीत दिशा में था। ट्रक चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हो गया। हादसे के बाद बस से आग की लपटें उठने लगीं। यहां पर मौजूद ग्रामीणों ने सवारियों को बचाने का प्रयास किया। बस में एक के बाद एक दो धमाके हुए इससे लोगों की हिम्मत टूट गई।
चेतावनी बोर्ड के सामने ही हुआ हादसा
घिलोई में दुर्घटना बहुल क्षेत्र गति सीमा बीस किलोमीटर प्रति घंटा के लगे चेतावनी बोर्ड के ठीक सामने यह हादसा हुआ। बोर्ड में भारतीय राष्ट्रीय प्राधिकरण की ओर से इस स्थान को दुर्घटना स्थल बताया गया है। वाहन चालकों को यहां पर धीमे चलने की चेतावनी दी गई है। इसे महज संयोग ही कहा जाएगा कि दुर्घटना की चेतावनी देने वाले बोर्ड के सामने ही हादसा हो गया।
बुझने के बाद फिर सुलगी आग
दमकल टीम ने रात साढ़े दस बजे के लगभग आग पर काबू पा लिया। जैसे ही प्रशासनिक अफसरों ने बस के अंदर जाने का प्रयास किया, एक बार फिर आग सुलगने लगी। इसके बाद लोगों को पीछे किया गया। फायर ब्रिगेड ने फिर से आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्लीपर बस में जब आग की लपटें रौद्र रूप धारण कर रही थीं, उसी समय एक मासूम बच्चा बस की खिड़की की तरफ आ गया। लोगों ने उसे कूदने के लिए कहा, वह बार-बार बस के अंदर फंसी अपनी मां की तरफ इशारा कर रहा था। तभी धमाके के साथ आग और विकराल हो गई और बच्चे को आगोश में ले लिया।