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Kannauj News: सात से लखनऊ में डेरा डालेंगे पंचायत सहायक
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छिबरामऊ। मानदेय बढ़ाने और संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायीकरण की मांग को लेकर पंचायत सहायकों ने आंदोलन का एलान कर दिया है। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर सात सितंबर से लखनऊ के इको गार्डन में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन को लेकर विकास खंड छिबरामऊ के पंचायत सहायकों ने बुधवार को डीपीआरओ को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा। साथ ही मांगें पूरी न होने पर कार्य बहिष्कार की अग्रिम सूचना दी।
सहायकों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन, डिजिटल और प्रशासनिक कार्यों का उनके द्वारा लगातार जिम्मेदारी से निर्वहन किया जा रहा है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने मुख्यमंत्री से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराने की मांग की है। इसके अलावा मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने या प्रदेश में निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर के बराबर मानदेय देने की मांग की गई है। संविदा और अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश और आवश्यकतानुसार स्थानांतरण व समायोजन की नीति लागू करने की भी मांग है।
वहीं, आगामी ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्तियों में अनुभव के आधार पर पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई गई है। पंचायत सहायकों ने कहा कि सात सितंबर से शुरू होने वाला धरना अनिश्चितकालीन रहेगा। आंदोलन के दौरान शासन की ओर से मांगों के समाधान के संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो विभागीय कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन देते समय रोहित चौहान, गौरव शाक्य, मनीष यादव, हर्ष, अंबिका, करिश्मा व शिवानी आदि मौजूद रहे।
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सहायकों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन, डिजिटल और प्रशासनिक कार्यों का उनके द्वारा लगातार जिम्मेदारी से निर्वहन किया जा रहा है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने मुख्यमंत्री से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराने की मांग की है। इसके अलावा मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने या प्रदेश में निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर के बराबर मानदेय देने की मांग की गई है। संविदा और अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश और आवश्यकतानुसार स्थानांतरण व समायोजन की नीति लागू करने की भी मांग है।
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वहीं, आगामी ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्तियों में अनुभव के आधार पर पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई गई है। पंचायत सहायकों ने कहा कि सात सितंबर से शुरू होने वाला धरना अनिश्चितकालीन रहेगा। आंदोलन के दौरान शासन की ओर से मांगों के समाधान के संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो विभागीय कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन देते समय रोहित चौहान, गौरव शाक्य, मनीष यादव, हर्ष, अंबिका, करिश्मा व शिवानी आदि मौजूद रहे।
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