कानपुर में अधिवक्ता राजेश सिंह की हत्या के मामले में फरार आरोपी धीरज तिवारी शातिर अपराधी है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि वह दो साल पहले ही कोटा जेल से जमानत पर छूटकर आया था। वहां किसी हत्या के मामले में वह जेल में बंद था। दीपावली पर भी पुलिस ने उसे जेल भेजा था। धीरज की पत्नी ने उससे दूसरी शादी की है। धीरज की पहली पत्नी से उसके दो बेटियां और दूसरी पत्नी से एक बेटा है। इलाकाई लोगों के मुताबिक पत्नी भी लोगों से आए दिन विवाद करती रहती है।
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राजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
आरोपी की पत्नी ने कॉल कर मायके से बुलाए लड़के
विवाद के दौरान धीरज की पत्नी ने साहबनगर स्थित अपने मायके में कॉल कर 25 लड़कों को बुला लिया। इसके बाद लड़के इलाके में हंगामा करना शुरू कर दिया। धीरज और उसकी पत्नी ने ही डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस पहुंची तो आरोपी ही अपने साथ मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाने लगे।
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राजेश हत्याकांड
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बेटे की मौत पर पिता की बिगड़ी हालत
मारपीट में घायल बेटे राजेश की मौत की खबर सुनकर पिता गंगा सिंह की हालत मंगलवार सुबह हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन पास के निजी अस्पताल ले गए। इधर, अधिवक्ता राजेश की मौत से नाराज लोगों ने आरोपी का घर घेर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस किसी तरह से आरोपी की पत्नी और बच्चों को निकाल ले गई।
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राजेश की पत्नी ने किया था बीच बचाव
राजेश की पत्नी क्षमा ने बताया कि लगातार हॉर्न बजाने पर धीरज ने गालियां देते हुए कहा कि सब मुझे परेशान करने आ जाते है। इस पर राजेश ने इसका विरोध किया, तो दोनों के बीच विवाद होने लगा। इसी दौरान क्षमा गाड़ी से उतर बाहर आई और राजेश का हाथ पकड़कर ले जाने का प्रयास किया। तभी धीरज ने अचानक अपनी बैसाखी से राजेश के सिर पर कई वार कर दिए।
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पांच साल की बेटी चीखती रही...पापा को मत मारो
मेरे पापा को मत मारो, छोड़ दो उन्हें। उन्हें चोट लग जाएगी। प्लीज उन्हें छोड़ दीजिए...। सोमवार रात पार्टी से पिता के साथ लौटी पांच साल की स्नेहा मासूम अपने पिता को पिटते हुए देख छोड़ने की गुहार करती रही। हालांकि हमलावरों के मन तक उसकी आवाज नहीं पहुंच सकी और आखिर में उनकी पिटाई से मासूम के पिता ने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार घटना के समय वह कार के अंदर से रो-रोकर चिल्ला रही थी। परिजनों का कहना था कि बेटी के सामने पिता को खरोंच भी लग जाए, तो वो व्याकुल हो जाती हैं। बताया कि मासूम अभी भी अनजान है कि अब उसके पापा कभी नहीं आएंगे। वो अभी भी पापा का इंतजार कर रही है कि वो डॉक्टर अंकल के पास गए हैं।