कानपुर: तीन महीने बंद रहेगा जाजमऊ का पुराना गंगापुल; डायवर्जन का ट्रायल शुरू, तीन जगह लगाए बैरियर
Kanpur News: जाजमऊ पुराने गंगापुल पर 24 बेयरिंग बदलने के लिए रविवार से डायवर्जन का ट्रायल शुरू हो गया। एनएचएआई ने उन्नाव पुलिस के साथ मिलकर तीन स्थानों पर भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगाए हैं। हालांकि डायवर्जन के बावजूद कुछ भारी वाहन गदनखेड़ा से बदरका चौराहा होकर मरहला चौराहे की ओर निकल गए। इससे शुक्लागंज छोर पर वाहनों का दबाव बढ़ गया।
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करीब सात सौ मीटर लंबे इस पुराने गंगापुल की बेयरिंग बदलने का काम करीब तीन महीने चलेगा। काम शुरू होने के बाद पुल पर वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को डायवर्जन व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। यदि इस दौरान जाम या अन्य समस्या सामने आती है तो डायवर्जन योजना में बदलाव किया जा सकता है। इसके बाद 16 सितंबर से डायवर्जन पूरी तरह लागू करने की तैयारी है।
तीन जगह लगाए गए बैरियर
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार रविवार को बदरका चौराहा, त्रिभुवनखेड़ा और जाजमऊ पुलिस चौकी के पास भारी वाहनों को रोकने के लिए पत्थर के बोल्डर रखवाए गए। बदरका चौराहे पर डायवर्जन की जानकारी देने वाला नोटिस बोर्ड भी लगाया गया है।
बदरका चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए एक टीएसआई, दो हवलदार और दो सिपाहियों की तैनाती की गई है। टीएसआई नसीरउद्दीन ने बताया कि यहां वाहनों का लोड अधिक है, जबकि उपलब्ध फोर्स कम है।
60 किमी दूरी बचाने को बदरका से निकले भारी वाहन
डायवर्जन के बावजूद गदनखेड़ा उन्नाव बाईपास से कानपुर की ओर आने वाले कुछ भारी वाहन बदरका चौराहा और आजाद मार्ग होते हुए मरहला चौराहे की ओर निकलने लगे। बताया गया कि इस रास्ते से करीब 60 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी से बचा जा सकता है। भारी वाहनों के इस रास्ते से निकलने के कारण शुक्लागंज छोर पर वाहनों का दबाव बढ़ गया।
अधिकारियों के अनुसार सोमवार से दो दिन तक डायवर्जन व्यवस्था को लगातार परखा जाएगा। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से निगरानी की जाएगी। जाम या यातायात संबंधी दिक्कत सामने आने पर डायवर्जन प्लान में आवश्यक बदलाव किया जाएगा।
इन रास्तों से गुजरेंगे वाहन
डायवर्जन के दौरान वाहन सवारों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-30, एनएच-31, एनएच-34, एनएच-335 समेत अन्य वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
24 बेयरिंग बदलने पर खर्च होंगे 5.60 करोड़
एनएचएआई पुराने गंगापुल की 24 बेयरिंग बदलवाएगा। इसके लिए महाराष्ट्र की कंपनी रीहैवलीटेशन इंजीनियरिंग को 5.60 करोड़ रुपये में ठेका दिया गया है। कंपनी को यह काम तीन महीने में पूरा करना है। पुल पर मरम्मत कार्य के लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है।
पुल पर पहुंचाई गई निर्माण सामग्री
शुक्लागंज छोर पर मरम्मत कार्य के लिए एनएचएआई ने पुल और आसपास के क्षेत्र में निर्माण सामग्री डंप कर दी है। साइट इंजीनियर विनय कुमार यादव ने बताया कि पुल के निचले हिस्से में पहले ही पाड़ बांधने का काम कराया जा चुका है। सोमवार सुबह से पुल पर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।