{"_id":"5af7e6824f1c1bd5408b4e6b","slug":"mothers-day-special-story","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mothers Day Spcl: मिलिए इन माअों से जो कभी खफा नहीं हुईं, अौलाद के लिए कुछ भी करने को रहीं तैयार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mothers Day Spcl: मिलिए इन माअों से जो कभी खफा नहीं हुईं, अौलाद के लिए कुछ भी करने को रहीं तैयार
Sun, 13 May 2018 03:43 PM IST
ऐश्वर्या द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
ऐश्वर्या द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 13 May 2018 03:43 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
रीटा, अद्वितीय वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
मां, इस छोटे से नाम में बड़ी गहराई है। गहराई है, अपने बच्चों की खुशी के लिए हर दुख उठाने की। गहराई है, अपने बच्चों का पेट भरने के लिए खुद भूखा रहने की। गहराई है, बच्चों का भविष्य बनाने के लिए अपना वर्तमान न्यौछावर करने की। यूं तो मां और उसकी महानता को याद करने का कोई दिन नहीं है। हर दिन मां का है और हर दिन मां के नाम। मातृ दिवस पर ऐसी ही कुछ माताओं के बारे में बताते हैं, जिन्होंने बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ त्याग दिया...
बच्चों के लिए 16-16 घंटे की मेहनत
2 of 6
दुर्गा रानी
- फोटो : अमर उजाला
गुमटी में रहने वाली दुर्गा रानी अग्रहरि की शादी के 18 साल बाद पति उन पर उल्टे सीधे आरोप लगाने लगे। उनका व्यवहार भी दुर्गा के प्रति निष्ठुर होता गया। पानी जब सिर के ऊपर हो गया तो दुर्गा अपने दो बेटों और एक बेटी को लेकर भाई के घर आ गईं। बच्चों को शिक्षा के लिए उन्होंने स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। हालांकि यह काफी नहीं था। तो उन्होंने टेडीबियर बनाना शुरू कर दिया। सुबह सात से 12 बजे स्कूल में पढ़ातीं और दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक टेडीबियर बनातीं। इसके बाद आठ बजे से लेकर 12 बजे तक पॉलिथीन तैयार करतीं। इस पॉलिथीन में टेडीबियर को पैक कर मार्केट में बेचती थीं। उनकी मेहनत रंग लाई। आज उनका बेटा डीआरडीओ में इंजीनियर है और बेटी बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी एमएससी कर रही है। अपने बच्चों को इस मुकाम तक पहुंचाने का सुकून अब दुर्गा रानी के चेहरे पर साफ नजर आता है।
चूरन के पैकेट, लिफाफे बनाकर बेटों को पढ़ाया
3 of 6
अख्तरी बेगम
- फोटो : अमर उजाला
अजीतगंज में रहने वाली अख्तरी बेगम के ऊपर संकट का पहाड़ तब टूट पड़ा जब उनके पति की मौत हो गई। अख्तरी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बच्चों को पढ़ाने के साथ ही घर चलाने की भी जिम्मेदारी उसी पर थी। आर्थिक स्थिति भी खराब थी। लेकिन अख्तरी ने हार नहीं मानी। घर में ही चूरन के पैकेट और लिफाफे बनाने लगी। जैसे तैसे चारों बेटों को पढ़ाया। ग्रेजुएशन करने के बाद चारों बेटे अब एक प्राइवेट कंपनी में अच्छी पोजीशन में नौकरी कर रहे हैं। अख्तरी बताते हैं कि अब सब कुछ ठीक चल रहा है। उसकी मेहनत और हिम्मत रंग लाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेटे को बनाया आत्मनिर्भर
4 of 6
मदर्स डे
- फोटो : अमर उजाला
शादी के सात साल बाद ही रन्नो के पति की गंभीर बीमारी से मौत हो गई थी। कुछ दिन बाद ससुराल वालों ने भी उसे घर से निकाल दिया। दो साल के बेटे को लेकर रन्नो अपने मायके रामादेवी आ गई। हालांकि वह अपने बेटे की पढ़ाई और भविष्य को लेकर बहुत चिंतित रहती थी। कुछ समय बाद उसने एक फैक्ट्री में काम करना शुरू किया। इसके बाद टिफिन का काम शुरू किया। कड़ी मेहनत और मशक्कत के साथ बेटे को ग्रेजुएशन कराया। अब उनका बेटा एक बड़ी प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रहा है। अब तो रन्नो सखी केंद्र के साथ मिलकर उन तमाम महिलाओं की मदद करती हैं, जो किसी भी तरह से मुश्किल में हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।