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मनीष गुप्ता हत्याकांड: गोरखपुर डीएम-एसएसपी ने तहरीर बदलवाई, तब दर्ज की थी एफआईआर
Fri, 01 Oct 2021 02:52 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 01 Oct 2021 02:52 AM IST
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कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर डीएम और एसएसपी किस तरह से केस दर्ज न कराने के लिए दबाव बना रहे थे गुरुवार को मीनाक्षी ने ये बात बताई। छह आरोपियों की तहरीर मिलने पर वे भड़क गए थे। केवल दो पुलिस वालों को आरोपी बनाने पर राजी हुए थे। जब मीनाक्षी अड़ी रहीं और धरने बैठ गईं तब जाकर तीन को नामजद किया। अफसर यह हवाला दे रहे थे कि जिन पर केस दर्ज हो रहा है उन पुलिस वालों के भी परिवार हैं। यानी इन अफसरों की नजर में एक जान की कीमत कुछ नहीं। ये सवाल पीड़ित परिजनों ने उनसे किया था। दरअसल, बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज चौकी का था। जहां पर बंद कमरे में डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी विपिन टांडा मीनाक्षी व उसके परिजनों के साथ बैठकर उनको केस न दर्ज कराने की सलाह देकर दबाव बना रहे थे। यह वीडियो चंद मिनट का था।
कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
इसके बारे में पूरी जानकारी मीनाक्षी ने गुरुवार को खुद दी। उन्होंने बताया कि जो उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया था उसमें छह पुलिस वालों के नाम थे। वीडियो में दिखने वाले दोनों अफसरों ने कहा कि केवल दो के नाम लिखकर दो। जब उन्होंने बहस की तो अफसरों का कहना था कि आप छह नाम देने का मतलब समझ रही हैं, सभी के परिवार हैं।
मनीष गुप्ता हत्याकांड: मृतक की पत्नी मीनाक्षी
- फोटो : अमर उजाला
इस पर मीनाक्षी ने उनसे कहा कि मेरा भी परिवार था, बच्चा है। पति मार दिया, उसका कुछ नहीं। फिर भी अफसरों का दिल नहीं पसीजा। आखिर में मीनाक्षी को धरने पर बैठना पड़ा। तब बमुश्किल तीन पुलिसकर्मियों को नामजद करने पर राजी हुए। तहरीर बदलवाई और उसके बाद केस दर्ज किया। इसमें भी तीन अज्ञात कर दिए।
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कानपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
क्या है पूरा मामला
सोमवार-मंगलवार की रात को गोरखपुर के एक होटल में पुलिस की दबिश के बाद मनीष की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मनीष के साथ होटल में रुके उनके दोस्त गुरुग्राम के रहने वाले अरविंद सिंह ने बताया कि वे होटल कृष्णा पैलेस के अपने रूम नंबर 512 में सो रहे थे।
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गोरखपुर के होटल में चेकिंग के दौरान की फोटो
- फोटो : amar ujala
अरविंद ने बताया कि देर रात पुलिसवालों ने दरवाजा खुलवाया और आईडी चेक करने लगे। मनीष ने देर रात की जांच पर सवाल उठाए तो पुलिसवाले आक्रोशित हो गए और उन्होंने पीटना शुरु कर दिया।अरविंद का आरोप है कि पुलिसवाले शराब के नशे में भी थे, देर रात में की जा रही चेकिंग को लेकर सवाल पूछने पर उन्होंने मनीष को इतना पीटा कि उसकी जान चली गई।