{"_id":"5efadcfcb75cf0099d18fe72","slug":"man-job-loss-during-lockdown-hanged-himself-with-wife","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी: लॉकडाउन में गई नौकरी ने एक दुधमुहें से उसके मां पिता को छीन लिया, हर रोज उन्हें ढूंढती हैं मासूम आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: लॉकडाउन में गई नौकरी ने एक दुधमुहें से उसके मां पिता को छीन लिया, हर रोज उन्हें ढूंढती हैं मासूम आंखें
Tue, 30 Jun 2020 12:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 30 Jun 2020 12:16 PM IST
विज्ञापन
लॉकडाउन में गई नौकरी ने छीन लिया मासूम के सिर से मां पिता का साया
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस ने भारत में कहर मचा रखा है। कोरोना से बचने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लागू किया लेकिन अब वही लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में लॉकडाउन में गई नौकरी ने एक दुधमुंहे से उसके मां और पिता को छीन लिया। भूख जब सहन नहीं हुई तो मां और पिता ने मासूम को कमरे से बाहर कर फांसी लगा ली।
माता-पिता की फाइल फोटो व मासूम
- फोटो : अमर उजाला
घटना के दस दिन बीत चुके हैं लेकिन मासूम की आंखें हर पल अपने माता पिता को ढूंढती रहती हैं। मासूम को भूख लगती है तो आंखों में आंसू और होठों पर मां का नाम होता हैं। कानपुर में एक वर्ष के दुधमुंहे बच्चे को कमरे के बाहर छोड़कर एक साथ जीने मरने की कसम खाने वाले दंपत्ति फांसी लगाकर जान दी थी। बिधनू में 20 जून को न्यू आजाद नगर चौकी क्षेत्र के राजीव नगर में पत्नी से विवाद के बाद पति ने कमरा बंद कर फांसी लगा ली थी। पति का शव लटकता देखकर पत्नी ने एक रिश्तेदार को जानकारी दी।
प्रिंस और चंद्रिका (फांसी लगा कर दी जान)
- फोटो : amar ujala
उसके बाद मासूम बेटे को कमरे के बाहर रोता बिलखता छोड़कर मां भी दूसरे कमरे में फांसी पर झूल गयी थी। हरी मस्जिद बर्रा निवासी सिक्योरिटी गार्ड राजेन्द्र वर्मा राजीव नगर, न्यू आजाद नगर में अरुण तिवारी के मकान में पिछले 4 वर्ष से किराये पर रह रहे थे। राजेन्द्र के मुताबिक 35 वर्षीय बेटे प्रिंस की फेसबुक के जरिये ग्राम मचहट्टा रुद्रपुर जिला देवरिया की रहने वाली जवाहरलाल की बेटी चंद्रिका (30) से जान पहचान हुई थी। बेटा प्रिंस लखनऊ में एक दवा कंपनी में काम करता था। चंद्रिका बेटे से मिलने अक्सर लखनऊ आया जाया करती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मां चंद्रिका (मृतका) मासूम बेटा
- फोटो : amar ujala
दो वर्ष पहले लखनऊ में कोर्ट मैरिज के बाद 25 जुलाई 2018 को कानपुर में परिजनों ने धूमधाम से विवाह किया था। इसके बाद दोनों राजीव नगर में परिवार के साथ रहने लगे। जून 2019 को उसके बेटे शौर्य का जन्म हुआ था। लॉकडाउन के दौरान बेटे की नौकरी छूट गयी थी। आर्थिक तंगी के चलते आये दिन दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था। उन्होंने बताया कि घटना से दो एक दिन पहले दोनों के बीच विवाद के बाद मारपीट की नौबत आ गयी थी। 19 जून की सुबह वह ड्यूटी पर चले गए। पत्नी राजेश्वरी बेटी शालू के साथ देवकीनगर अपनी बहन कमला के यहां गई थी।
विज्ञापन
महिला ने इसी कमरे में लगाई फांसी
- फोटो : अमर उजाला
मकान मालिक भी परिवार समेत रिश्तेदारी में गए थे। दोपहर में किसी बात को लेकर दोनों के बीच फिर झगड़ा हुआ। झगड़े के बाद प्रिंस ने खुद को कमरे में बंदकर पंखे में साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। पति को फांसी में झूलता देख पत्नी चन्द्रिका ने मौसी कमला के बेटे सतेंद्र को फोन पर घटना की जानकारी दी। इसके बाद चन्द्रिका ने एक वर्षीय दुधमुंहे बेटे शौर्य को दूसरे कमरे के बाहर छोड़कर पंखे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे खुद भी फांसी पर झूल गयी। घटना की जानकारी पर बेटे अनिल के साथ मौसी कमला मौके पर पहुची। मासूम शौर्य कमरे के बाहर बिलख रहा था।