हाईटेक मॉड्यूलर किचन के दौर में माटी के बर्तन अपनाए जाने लगे हैं। घरों में स्टील के बर्तनों और माइक्रोवेव ओवन की जगह माटी के तवे, जग, गिलास, फ्राइ पैन से लेकर राइस कुकर इस्तेमाल किए जाने लगे हैं। सेहत के लिए फिक्रमंद शहरी अब पुराने दौर की रसोई की ओर लौटने लगे हैं। एक्सपो और मार्केट में ऐसे बर्तनों की जर्बदस्त डिमांड हो रही है।
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लौट रहा मिट्टी के बर्तनों का दौर, इसके फायदे जानकर आपभी हो जाएंगे हैरान
Wed, 09 Jan 2019 01:06 PM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Wed, 09 Jan 2019 01:06 PM IST
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खाने को गर्म भी रखते हैं
रेड पॉटरी से बने ये बर्तन पुराने दौर की याद दिलाते हैं जब हर घर में सिर्फ मिट्टी के बर्तनों का ही इस्तेमाल होता था। मिरर, मिट्टी और स्टील के हैंडेल्स के कारण यह सुरक्षित भी हैं। खाना पकाने, रखने और गर्म करने के लिए हांडी और कुकर के नीचे कश्मीरी सिगड़ी की तरह फायर फ्लेम भी लगा है। यही कारण है कि आजकल बड़ी पार्टियों से लेकर हाई क्लास रेस्तरां में भी इन्हें इस्तेमाल किया जाने लगा है। पोटरी मेकर राजू ने बताया कि इस मिट्टी की क्रॉकरी को होटल रेस्तरां के साथ- साथ एलीट क्लास केलोग ऑर्डर पर तैयार करवा रहे हैं। राजू ने बताया कि मिट्टी साफ होने के कारण ये बर्तन साफ रहते हैं और हाइजीन की समस्या भी नहीं रहती है।
रेड पॉटरी से बने ये बर्तन पुराने दौर की याद दिलाते हैं जब हर घर में सिर्फ मिट्टी के बर्तनों का ही इस्तेमाल होता था। मिरर, मिट्टी और स्टील के हैंडेल्स के कारण यह सुरक्षित भी हैं। खाना पकाने, रखने और गर्म करने के लिए हांडी और कुकर के नीचे कश्मीरी सिगड़ी की तरह फायर फ्लेम भी लगा है। यही कारण है कि आजकल बड़ी पार्टियों से लेकर हाई क्लास रेस्तरां में भी इन्हें इस्तेमाल किया जाने लगा है। पोटरी मेकर राजू ने बताया कि इस मिट्टी की क्रॉकरी को होटल रेस्तरां के साथ- साथ एलीट क्लास केलोग ऑर्डर पर तैयार करवा रहे हैं। राजू ने बताया कि मिट्टी साफ होने के कारण ये बर्तन साफ रहते हैं और हाइजीन की समस्या भी नहीं रहती है।
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खाने में बढ़ जाती पौष्टिकता
मिट्टी के बर्तन में कुकिंग करने के दौरान तेल मिट्टी के अंदर चला जाता है और खाने में पौष्टिकता बढ़ जाती है। इन्हें साफ करने के लिए डिटरजेंट या साबुन की जरूरत नहीं होती। हाथ से साफ करने से इन बर्तनों में कोई स्क्रेच नहीं आता है और इसकी गुणवत्ता बनी रहती है।
मिट्टी के बर्तन में कुकिंग करने के दौरान तेल मिट्टी के अंदर चला जाता है और खाने में पौष्टिकता बढ़ जाती है। इन्हें साफ करने के लिए डिटरजेंट या साबुन की जरूरत नहीं होती। हाथ से साफ करने से इन बर्तनों में कोई स्क्रेच नहीं आता है और इसकी गुणवत्ता बनी रहती है।
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कैंसर और दिल की बीमारियों से बचाने में कारगर
डाइटीशियन मीनाक्षी अनुराग का कहना है कि हम बहुत मॉडर्न होते जा रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि हम ट्रेडिशनल चीजों को भूल जाएं। कैंसर और दिल से जुड़ी कई बीमारियां माइक्रोवेव के कारण ही बढ़ रही हैं। इसके लिए जरूरत है कि लोग आयरन और मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाएं। मिट्टी से कैल्शियम, सल्फर, फॉस्फोरेस, आयरन, मैग्नीशियम आदि मिनरल्स बॉडी को मिल जाते हैं। धीमे फ्लेम पर खाना पकाना पड़ता है जिससे उसके पौष्टिक कंटेट बने रहते है और खाने का तेल मिट्टी में ही रह जाता है।
डाइटीशियन मीनाक्षी अनुराग का कहना है कि हम बहुत मॉडर्न होते जा रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि हम ट्रेडिशनल चीजों को भूल जाएं। कैंसर और दिल से जुड़ी कई बीमारियां माइक्रोवेव के कारण ही बढ़ रही हैं। इसके लिए जरूरत है कि लोग आयरन और मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाएं। मिट्टी से कैल्शियम, सल्फर, फॉस्फोरेस, आयरन, मैग्नीशियम आदि मिनरल्स बॉडी को मिल जाते हैं। धीमे फ्लेम पर खाना पकाना पड़ता है जिससे उसके पौष्टिक कंटेट बने रहते है और खाने का तेल मिट्टी में ही रह जाता है।
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कई तरह से फायदेमंद
-अपच और गैस की समस्या दूर होती है।
-पौष्टकता के साथ भोजन का बढ़ता है स्वाद।
-कब्ज की समस्या से मिलती है निजात।
-भोजन में मौजूद पोषक तत्व नष्ट नहीं होते हैं।
-भोजन का पीएच वैल्यू मेंटेन रहता है, इससे कई बीमारियों से बचाव होता है।
-अपच और गैस की समस्या दूर होती है।
-पौष्टकता के साथ भोजन का बढ़ता है स्वाद।
-कब्ज की समस्या से मिलती है निजात।
-भोजन में मौजूद पोषक तत्व नष्ट नहीं होते हैं।
-भोजन का पीएच वैल्यू मेंटेन रहता है, इससे कई बीमारियों से बचाव होता है।