फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

किडनी कांड: फोर्टिस और पीएसआरआई हॉस्पिटल की तरह ही यहां भी हुआ है पूरा खेल, अब सच आया सामने

Fri, 14 Jun 2019 03:12 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 14 Jun 2019 03:12 AM IST
विज्ञापन
kidney racket case fortis hospital and psri hospital is suspected
किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दीपक शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
किडनी कांड में एसआईटी अब फरीदाबाद के फोर्टिस हॉस्पिटल के बड़े अधिकारियों व डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की तैयारी में है। इनके खिलाफ जांच अधिकारी साक्ष्य जुटा रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। मामले में ट्रांसप्लांट कमेटी की बैठक की वीडियोग्राफी अहम साक्ष्य होगा।


 
kidney racket case fortis hospital and psri hospital is suspected
किडनी कांड में खाकी के भी हाथ काले - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, जिन हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा होती है, वहां शासन के आदेश पर एक विशेष कमेटी बनाई जाती है। पीएसआरआई में एक साल में 25 से अधिक ट्रांसप्लांट के केस होते हैं। इस लिए यहां पर एक आंतरिक कमेटी भी बनाई गई थी। इसके प्रमुख वहां के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला थे।

 
kidney racket case fortis hospital and psri hospital is suspected
किडनी कांड में कानपुर पुलिस ने फोर्टिस हॉस्पिटल की महिला कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार किया - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को उनकी संलिप्तता के साक्ष्य मिले। इसलिए उनको जेल भेजा गया। एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक ठीक इसी तरह से फोर्टिस में भी फर्जीवाड़ा हुआ है। जिम्मेदारों के सामने से ही सभी फर्जी डोनरों व रिसीवरों की फाइलें गुजरी हैं। जिन पर उनके हस्ताक्षर हैं। चूंकि दस्तावेजों का सत्यापन करना कमेटी का ही काम है। ऐसे में ये सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। इसलिए एसआईटी इन पर कार्रवाई करेगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
kidney racket case fortis hospital and psri hospital is suspected
किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दीपक शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
नहीं मुकर पाएंगे अधिकारी
ट्रांसप्लांट कमेटी की जब बैठक होती है तो उसकी वीडियोग्राफी कराई जाती है। इसमें कमेटी के अधिकारी डोनर व रिसीवर से लाइव पूछताछ करते हैं। इसके जरिए वह पुख्ता करते हैं कि डोनर व रिसीवर रिश्तेदार हैं। किडनी की खरीद-फरोख्त नहीं हो रही है। एसआईटी केमुताबिक वीडियोग्राफी में जो लोग मौजूद हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी।  


 
विज्ञापन
kidney racket case fortis hospital and psri hospital is suspected
किडनी कांड
पिछले तीन साल के रिकॉर्ड की होगी जांच
एसआईटी ने फोर्टिस प्रशासन से पिछले तीन साल का किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट का ब्योरा मांगा है। एसआईटी को हॉस्पिटल में ये खेल पिछले कई वर्षों से चलने की आशंका है। पिछले साल करीब डेढ़ दर्जन ट्रांसप्लांट के केस हुए थे। अब एसआईटी एक-एक केस की पड़ताल कर डोनर व रिसीवर के दस्तावेजों का सत्यापन करेगी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed