कानपुर में पिछले साल की अपेक्षा इस बार मार्च में ज्यादा गरमी पड़ेगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अध्ययन के अनुसार इस बार दूसरे सप्ताह में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि पिछले वर्ष 31 मार्च को अधिकतम तापमान 40 डिग्री था। सर्वे के अनुसार पिछले 122 वर्षों में मार्च महीने का औसत अधिकतम तापमान सर्वाधिक 30.7 डिग्री तक पहुंचा है।
इस बार औसत तापमान चार डिग्री अधिक रहेगा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार दूसरे सप्ताह से तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा। मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से हल्के बादल रहेंगे व कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। इस वजह से तापमान में दो डिग्री की कमी आने के आसार हैं। वैसे अधिकतम पारा 30 डिग्री से ऊपर रहेगा।
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डॉ. पांडेय के अनुसार जलवायु परिवर्तन का असर इस वर्ष जनवरी से ही देखने को मिलने लगा है। पिछले वर्ष मार्च से ही हीटवेव चलना शुरू हो गईं थी, जो इस बार और तेज होंगी। इस बार फरवरी से ही दिन का औसत तापमान चार डिग्री सेल्सियस बढ़ा हुआ है।
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आमतौर पर फरवरी में सामान्य तापमान अधिकतम 26 डिग्री तक रहता है, इस बार पारा 32 डिग्री तक जा चुका है। इसे देखते हुए अगले महीने के दूसरे सप्ताह से अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या इससे भी अधिक रहने के आसार हैं। इस बीच रविवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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28 से बदल सकता है मौसम
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता इस महीने की आखिरी तारीख से संभावित है। मौसम विभाग के अनुसार 28 को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर आ रहा है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. पांडेय ने बताया कि 24 घंटे के बीच हुई मौसमी हलचल से कश्मीर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, अंडमान और निकोबार के दक्षिणी द्वीपों में हल्की बारिश हुई है, जिसका असर 48 घंटे बाद कानपुर मंडल में भी दिख सकता है। इसकी वजह से तापमान में दो डिग्री तक कमी आ सकती है।