{"_id":"672714182a9aef4f6b009ff3","slug":"kanpur-fire-incident-house-becomes-a-gas-chamber-in-two-hours-couple-and-maid-trapped-for-3-and-a-half-hours-2024-11-03","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कानपुर अग्निकांड: दो घंटे में घर बनता गैस चैंबर, साढ़े 3 घंटे फंसे रहे दंपती और नौकरानी; बच सकती थी जान अगर...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर अग्निकांड: दो घंटे में घर बनता गैस चैंबर, साढ़े 3 घंटे फंसे रहे दंपती और नौकरानी; बच सकती थी जान अगर...
Sun, 03 Nov 2024 11:48 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 03 Nov 2024 11:48 AM IST
सार
कानपुर अग्निकांड में सामने आया है कि घर को गैस चैंबर बनने में दो घंटे लगे। दंपती और नौकरानी साढ़े तीन घंटे फंसे रहे। समय से सूचना मिलती तो जान बच सकती थी। डायल 112 पर सुबह 6.25 बजे आग लगने की सूचना मिली तो दमकल की गाड़ी पांच मिनट में पहुंच गई।
विज्ञापन
Kanpur fire incident
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के कारोबारी दंपती के घर लगी आग की सूचना अगर किसी भी तरह से पुलिस और दमकल को पहले मिल जाती तो शायद उनकी जान बच जाती। कारण, फॉरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि जितना घर का कवर्ड एरिया है, उसमें धुआं भरने में कम से कम डेढ़ से दो घंटे का समय लगा होगा।
आग पर काबू पाते दमकलकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, किसी और ने भी अगर आग या धुआं निकलता देखकर सूचना दे दी होती और समय से बचाव कार्य शुरू कर लिया जाता तो भी शायद जनहानि न होती। सीएफओ दीपक शर्मा ने कहा कि करीब तीन घंटे तक घर में मौजूद लोग गैस के गुबार और आग के तपते तापमान की चपेट में फंसे रहे और इसी वजह से वह खुद को बचा न सके। अगर घर में कहीं भी रौशनदान य डक्ट होता तो धुआं निकल जाता और वह बच जाते।
इसी घर में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के पांडुनगर में दर्दनाक हादसा
कानपुर के पांडुनगर इलाके में आलीशान कोठी में बने लकड़ी के मंदिर में बृहस्पतिवार देर रात लगी आग से बिस्कुट कारोबारी, उनकी पत्नी और नौकरानी की मौत हो गई। वेंटिलेशन की व्यवस्था व फायर अलार्म सिस्टम नहीं होने की वजह से घर में आग लगने का पता नहीं चल सका और धुएं की वजह से घर गैस चैंबर में तब्दील हो गया। कारोबारी का शव मुख्य दरवाजे के पास, जबकि पत्नी का बेडरूम की दहलीज पर मिला। दूसरे कमरे में नौकरानी व पालतू बिल्ली की मृत मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत दम घुटने से होना बताया गया है।
कानपुर के पांडुनगर इलाके में आलीशान कोठी में बने लकड़ी के मंदिर में बृहस्पतिवार देर रात लगी आग से बिस्कुट कारोबारी, उनकी पत्नी और नौकरानी की मौत हो गई। वेंटिलेशन की व्यवस्था व फायर अलार्म सिस्टम नहीं होने की वजह से घर में आग लगने का पता नहीं चल सका और धुएं की वजह से घर गैस चैंबर में तब्दील हो गया। कारोबारी का शव मुख्य दरवाजे के पास, जबकि पत्नी का बेडरूम की दहलीज पर मिला। दूसरे कमरे में नौकरानी व पालतू बिल्ली की मृत मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत दम घुटने से होना बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौके पर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
दोस्त के घर दिवाली पार्टी में गया था बेटा
काकादेव के पांडुनगर एच-वन ब्लॉक निवासी संजय श्याम दासानी (48) के पास एक नामी बिस्कुट फैक्टरी की फ्रेंचाइजी है। उनके परिवार में पत्नी कनिका (50) और बेटा हर्ष है। परिजनों ने बताया कि दीपावली के दिन संजय फैक्टरियों में पूजन और कर्मचारियों को गिफ्ट बांटने के बाद शाम को घर लौटे। इसके बाद घर में दीपावली की पूजा करने के बाद बेटा हर्ष कंपनीबाग स्थित एमराल्ड अपार्टमेंट में रहने वाले एक दोस्त के घर दीपावली की पार्टी में चला गया।
काकादेव के पांडुनगर एच-वन ब्लॉक निवासी संजय श्याम दासानी (48) के पास एक नामी बिस्कुट फैक्टरी की फ्रेंचाइजी है। उनके परिवार में पत्नी कनिका (50) और बेटा हर्ष है। परिजनों ने बताया कि दीपावली के दिन संजय फैक्टरियों में पूजन और कर्मचारियों को गिफ्ट बांटने के बाद शाम को घर लौटे। इसके बाद घर में दीपावली की पूजा करने के बाद बेटा हर्ष कंपनीबाग स्थित एमराल्ड अपार्टमेंट में रहने वाले एक दोस्त के घर दीपावली की पार्टी में चला गया।
विज्ञापन
आग से जला पूजा का सामान
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में बिछी सूखी घास में आग लगने की आशंका
तीन मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर रह रहे संजय व कनिका रात करीब 2:30 बजे बेडरूम, जबकि नौकरानी छवि चौहान (30) दूसरे कमरे में जाकर सो गई। इस दौरान घर में लकड़ी से बने मंदिर में दीपक जल रहा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि देर रात करीब तीन बजे के बाद मंदिर में रखे दीपक की गर्माहट से मंदिर में बिछी सूखी घास में आग लगी होगी। धीरे-धीरे आग ने मंदिर में लगे पर्दों और फिर लकड़ी के मंदिर को चपेट में ले लिया।
तीन मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर रह रहे संजय व कनिका रात करीब 2:30 बजे बेडरूम, जबकि नौकरानी छवि चौहान (30) दूसरे कमरे में जाकर सो गई। इस दौरान घर में लकड़ी से बने मंदिर में दीपक जल रहा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि देर रात करीब तीन बजे के बाद मंदिर में रखे दीपक की गर्माहट से मंदिर में बिछी सूखी घास में आग लगी होगी। धीरे-धीरे आग ने मंदिर में लगे पर्दों और फिर लकड़ी के मंदिर को चपेट में ले लिया।