कानपुर में फजलगंज के गड़रियनपुरवा स्थित साइकिल की गद्दी बनाने वाली फैक्ट्री में शुक्रवार तड़के लगी आग में जान गंवाने वाले तीन मजदूरों के परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में किसी की मांग सूनी हुई तो किसी के सिर से पिता के साया उठ गया।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तीनों के परिवारों की चीत्कारों से पोस्टमार्टम हाउस गूंज उठा। हर तरफ चीखपुकार मची हुई थी। वहां मौजूद पुलिस कर्मी लोगों का ढांढस बांधते दिखाई दिए। अग्निकांड में मरने वाले प्रदीप उर्फ राजू गौतम तीन भाइयों पिंटू व अवधेश में सबसे छोटा था।
दो बहनों पूनम और पिंकी की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन विनीता है। वह बड़े भाई पिंटू के साथ पिछले आठ साल से फैक्टरी में काम करता था। हादसे के दौरान बड़ा भाई पिंटू भी फैक्टरी के प्रथम तल पर मौजूद था। पिंटू ने बताया कि आग की लपटें उठती देख वह शोर मचाते हुए नीचे की ओर गया था।
2 of 9
कानपुर अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। साथी मजदूरों को बचाने के चक्कर में वह भी झुलस गया। उनका कहना था कि प्रदीप की शादी की तैयारी चल रही थी। उसके लिए काफी रिश्ते आ रहे थे। उन्हें क्या पता था कि बारात से पहले उन्हें अपने छोटे भाई की अर्थी उठानी पड़ेगी।
3 of 9
कानपुर अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
पांच दिन पहले दोबारा फैक्टरी में आए थे नारेंद्र
हे भगवान ये क्या हो गया। मेरे बच्चों का क्या होगा। मुझे नहीं पता था कि मेरे पति दोबारा नहीं लौटेंगे। वरना में उन्हें नहीं जाने देती। ये बात कहते हुए मृतक जय प्रकाश पत्नी सीता बेसुध हो जा रही थी। परिवार के लोगों ने उसे किसी तरह संभाला।
4 of 9
कानपुर अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से उन्नाव के बारासगवर निवासी जयप्रकाश पत्नी सीता व तीन बच्चों यश, वंश और खुशी संग बर्रा छह में किराये के मकान में रहते थे। पत्नी सीता ने बताया कि वह रोज की तरह गुरुवार रात नाइट ड्यूटी पर गए थे। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे फजलगंज पुलिस ने अग्निकांड में पति की मौत की जानकारी दी।
5 of 9
कानपुर अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम हाउस पहुंची पत्नी पति का शव देखते ही गश खाकर गिर गई। वहां मौजूद महिला कांस्टेबल ने शव के पास बिलख रहे बच्चों का ढांढस बांधा। पत्नी रोते हुए बोल रही थी कि पति के निधन के बाद अब परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी।