{"_id":"5f077ab2877ceb56b7076c07","slug":"kanpur-encounter-vikas-dubey-was-in-contact-big-leader-of-mp","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"kanpur encounter: कौन है एमपी का वो बड़ा नेता जिसके संपर्क में था कुख्यात विकास दुबे...!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
kanpur encounter: कौन है एमपी का वो बड़ा नेता जिसके संपर्क में था कुख्यात विकास दुबे...!
Fri, 10 Jul 2020 02:13 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 10 Jul 2020 02:13 AM IST
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
विकास दुबे के उज्जैन महाकाल मंदिर से पकड़े जाने के बाद वहां के मंत्री को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। कहा जा रहा है कि वह मप्र के एक बड़े मंत्री के लगातार संपर्क में था। मप्र के यह प्रमुख मंत्री 2019 के लोकसभा चुनाव में कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र से भाजपा के सह प्रभारी रहे थे।
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
कहा जा रहा है कि विकास दुबे की उस मंत्री से कई बार मुलाकात हुई है। लोगों का मानना है कि विकास दुबे अपने इसी लिंक की वजह से सही सलामत उज्जैन पहुंचा और वहां उसने अपने को पुलिस के हवाले कर दिया। चर्चा यह भी है कि विकास दुबे का मप्र की सरकार के कुछ और लोगों से पुराने लिंक हैं जिसकी वजह से उसकी गिरफ्तारी की पूरी कहानी रची गई।
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
विकास के महाकाल मंदिर पहुंचने और गिरफ्तारी देने के पीछे भी कई घटनाक्रम हुए हैं। विकास दुबे पूजा पाठ के लिए अक्सर महाकाल और दतिया के पीताम्बरा देवी जाता था। इस बीच उसने मप्र के कई प्रमुख नेताओं से संपर्क बनाए। यह भी कहा जा रहा है कि मप्र सरकार के एक मंत्री का भी दतिया से सीधा संबंध है।
विज्ञापन
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
इस संबंध में स्थानीय भाजपा नेता सीधे कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इन नेताओं की तरफ से कहा जा रहा है कि चुनाव के दौरान राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व की तरफ से प्रचार के लिए समय समय पर नेताओं को भेजा जाता है। मप्र के यह मंत्री भी उस समय यहां पार्टी प्रचार के लिए भेजे गए थे। इससे ज्यादा कुछ नहीं है।
kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दो जुलाई की रात विकास दुबे के बिकरू स्थित घर पर दबिश देने के लिए गई पुलिस पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने चारों ओर से घेर कर अंधाधुंध फायरिंग की थी जिसमें सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। घटना के बाद से विकास फरार चल रहा था जबकि पुलिस ने एक एक कर उसके पांच साथियों को ढेर कर दिया था।