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कानपुर एनकाउंटर के बाद बिकरू में सन्नाटा, गलियां सूनी, सिर्फ दिखाई देती है खाकी, तस्वीरें

Wed, 15 Jul 2020 08:56 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 15 Jul 2020 08:56 AM IST
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kanpur encounter vikas dubey Silence in Bikaru after Kanpur encounter Only the police is visible, see photos
kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बिल्हौर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है। सुबह से शाम तक नजर आती है सिर्फ पुलिस। मंगलवार को पुलिस कार्रवाई के भय से गांव में ग्रामीण भी घरों में दुबके रहे। 
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सूनी गलियां - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को बिकरू कांड की जांच पड़ताल को गांव में न तो कोई अधिकारी पहुंचे और न कोई जांच दल। गांव में तैनात सुरक्षा में लगे सिपाही-दरोगा प्रमुख स्थानों पर ड्यूटी करते दिखे। कुख्यात विकास दुबे, अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रभात, प्रवीण, प्रेम प्रकाश के घरों में सन्नाटा पसरा रहा। 
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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में ढेर हुए प्रेम प्रकाश के पुत्र को पुलिस ने एके-47 हथियारों के साथ दबोचा। इसके बाद कुछ पुलिस कर्मी उसकी पत्नी और मां से पूछताछ के लिए पहुंचे। करीब एक घंटे तक बंद कमरे पूछताछ की। 
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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
वहीं वारदात स्थल और जमींदोज हुए विकास दुबे के घर पर पुलिस का पहरा देखकर गांव के लोग घरों में दुबके रहे, जबकि विकास दुबे के कुआं के आसपास सन्नाटा पसरा रहा।
 
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Vikas Dubey encounter - फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि दो जुलाई की रात को पुलिस कुख्यात विकास दुबे के घर दबिश देने गई थी। विकास और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। हमले में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। जिसके बाद 9 जुलाई को विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। यूपी एसटीएफ की टीम विकास को उज्जैन से कानपुर ला रही थी। 10 जुलाई की सुबह विकास दुबे की गाड़ी पलट गई। इस दौरान विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने पहले उसे सरेंडर करने को कहा। वह नहीं माना। इस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए विकास दुबे को मार गिराया था। 
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