विनीत मिनोचा हत्याकांड: सिर्फ बंदिशें या कोई राज? चौथे दिन ही सुब्रत ने संभाला कारोबार, गायब हुईं पोस्ट-रील्स
Kanpur Vineet Minocha Murder Case: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच अब पारिवारिक विवाद के साथ-साथ कारोबारी पहलू पर भी टिक गई है। विनीत की हत्या के महज चौथे दिन ही बेटे सुब्रत द्वारा मां के साथ बिरहाना रोड स्थित फर्म पहुंचकर गंगाजल छिड़कने, पूजन करने और कारोबार की बागडोर संभालने की बात सामने आई है।
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कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के चौथे दिन ही बेटे सुब्रत ने फर्म पहुंचकर कारोबार संभाल लिया था। पत्नी के जेल जाने के बाद भी सुब्रत अपनी मां के साथ फर्म पहुंचा और पूजन कर काम की बागडोर अपने हाथ में ले ली। यही बात पुलिस को अखर रही है। इसके चलते पुलिस ने अब बिरहाना रोड के दवा व्यापारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
बता दें कि पांच सितंबर की देर रात विनीत की इंदिरानगर स्थित फ्लैट में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में विनीत की बहू शालू और उनके पुराने नौकर विशाल को साथी राजकिशोर के साथ जेल भी भेजा गया है। शालू के खिलाफ सभी साक्ष्य होने के बाद भी मामले में पुलिस की जांच खत्म नहीं हो रही है।
कुछ और भी हो सकती है हत्या की वजह
सुब्रत के अलावा उनकी बहन और मां से भी पुलिस कई बार बात कर चुकी है। पुलिस को लग रहा है कि वारदात के पीछे की असली वजह सिर्फ शालू पर बंदिशें, नहीं बल्कि कुछ और भी हो सकती है। इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए अब पुलिस की एक टीम बिरहाना रोड के व्यापारियों के संपर्क में है।
गंगाजल छिड़ककर कराया पूजन
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि शनिवार पांच सितंबर की रात विनीत का कत्ल हुआ था। नौ सितंबर को सुब्रत अपनी मां को लेकर फर्म पर पहुंचा और वहां गंगाजल छिड़ककर पूजन कराया। इसके बाद पहले की ही तरह कारोबार शुरू कर दिया।
आठ दिनों में सुब्रत ने कई व्यापारियों का माल लौटाया
पुलिस की जानकारी में आया है कि इन आठ दिनों में सुब्रत ने कई व्यापारियों का माल लौटाया है, तो कुछ से बकाया के चेक भी वसूल किए हैं। बताया जाता है कि तीन दिन पहले सुब्रत ने अपने फेसबुक अकाउंट से सभी फोटो और रील्स डिलीट कर दिए हैं।
इनमें वह पोस्ट भी थीं, जिनमें उसके कारोबार संभालने पर साथियों ने शुभकामनाएं और बधाई भी दी थी। दवा कारोबारियों ने पुलिस को बताया कि हर फर्म का 90 दिन बाद नवीनीकरण होता है। अभी तक फर्म के प्रोपराइटर में विनीत का नाम पड़ा था। स्वाभाविक है कि उनके न रहने पर अब जब फर्म का नवीनीकरण होगा तो उनकी जगह बेटे सुब्रत का ही नाम पड़ेगा। पुलिस ने इसे भी अपनी जांच के बिंदु में शामिल किया है।
पिछली पार्टी में शामिल हुए थे विनीत
सूत्रों का कहना है कि दवा व्यापारियों के बीच हर माह दो से तीन लेट नाइट पार्टियां हुआ करती हैं। रिटेलर दुकान बंद करने के बाद घर जाकर पार्टी के लिए निकलते हैं। पांच सितंबर से पहले भी एक पार्टी बड़े होटल में हुई थी। उसमें सुब्रत-शालू नहीं बल्कि खुद विनीत मिनोचा शामिल हुए थे। विनीत आखिरी बार उस पार्टी में साथियों संग देखे गए थे। साथी कारोबारियों ने पुलिस से कहा है कि मिनोचा परिवार में कभी किसी विवाद की बात सुनने को नहीं मिली।
ये था पूरा मामला
कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की शनिवार देर रात नृशंस हत्या कर दी गई थी। वारदात के वक्त कारोबारी की बहू-बेटा पार्टी करने गए थे। सुबह 4:13 बजे पर दोनों लौटे तो कमरे में खून से लथपथ शव पड़ा पाया। गले पर रेतने के निशान थे, जबकि पूरे शरीर पर धारदार हथियार से डेढ़ दर्जन से अधिक वार किए जाने के निशान थे।
सीसीटीवी में कैद हुए थे दो व्यक्ति
घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्नर, डीसीपी वेस्ट, एडीसीपी व कल्याणपुर पुलिस मौके पर पहुंची थी। अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए थे, जिसमें एक पूर्व कर्मचारी सहित दो व्यक्ति फ्लैट में घुसते और निकलते कैद हुए। आशंका थी कि इन्हीं ने हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
बड़े दवा कारोबारी थे विनीत मिनोचा
बता दें कि इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल के फ्लैट नंबर सी-104 में रहने वाले विनीत मिनोचा बड़े दवा कारोबारी थे। 45 वर्षों से बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स के नाम से दवा की फर्म है। परिवार में बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह साल का पोता श्रीजय है। पत्नी पुनीता गाजियाबाद में मैरिज काउंसलर हैं। एक सप्ताह पहले वहीं लौट गई थीं। विवाहित बेटी शुभानी और दामाद गुरुग्राम में रहते हैं। दोनों इंजीनियर हैं।