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Kanpur Encounter: विकास दुबे की दहशत, ग्रामीण बोले साहब, हमे माफ करो, जिंदा बचा तो हमे मार डालेगा...
Sun, 05 Jul 2020 05:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 05 Jul 2020 05:16 PM IST
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ग्रामीणों में विकास दुबे खौफ का दूसरा नाम है
- फोटो : amar ujala
साहब...! हम गरीब लोग हैं। हमें माफ करो। मुझे कुछ नहीं कहना। अगर खिलाफत में मुंह खोला और वो जिंदा बच गया तो हम लोगों को मार डालेगा..। डर और दहशत भरे ये शब्द बिकरू गांव के एक शख्स के हैं। विकास का आतंक कुछ इस कदर है कि गांव वाले उससे खौफ खाते हैं।
विकास दुबे ने खेला खूनी खेल
- फोटो : amar ujala
उसके खिलाफ एक भी शब्द बोलने से डरते हैं। यही वजह है कि जब ग्रामीणों से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि वह मेहनत मजदूरी करके परिवार पालते हैं। विकास से उनका कोई लेना देना नहीं है। इससे एक बात तो स्पष्ट हो गई कि दहशत की वजह से ग्रामीणों की जुबानों पर भी लगाम है।
विकास दुबे के आतंक की कहानी बयां करती तस्वीर
- फोटो : amar ujala
थाने में भाजपा नेता समेत पांच हत्या के केस विकास पर दर्ज हुए। इसके अलावा लूट, डकैती, हत्या के प्रयास समेत कुल 60 से अधिक केस हैं। फिर भी उसके रुतबे में कोई कमी नहीं आई। जरायम की दुनिया में कदम रखने के बाद ही उसने अपना सम्राज्य खड़ा किया। करोड़ों का घर बनाया, गाड़ियां खरींदी और अरबोंकी संपत्ति बनाई।
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मुठभेड़ के बाद गांव में दहशत
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में ग्रामीण इसलिए डरते हैं कि इतनी आपराधिक वारदातों में संलिप्त होने के बावजूद भी उसका कुछ नहीं हुआ तो आगे भी कुछ नहीं होगा। काफी प्रयास करने के बाद गांव के एक शख्स ने तीन चार बातें कहीं। उसने कहा कि पुलिस बड़े लोगों की तरफ ही रहती है।
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विकास के खौफ से खामोश है हर जुबां
- फोटो : अमर उजाला
विकास का पुलिस के साथ उठना बैठना रहता है। आज भी उनका कहना है कि पुलिस तीन चार दिन गांव में रहेगी, उसके बाद चली जाएगी। आगे की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन देगा। इसलिए ये लोग मुंह नहीं खोल रहे हैं। कुलमिलाकर विकास की दहशत इतनी है कि पुलिस पर लोगों का भरोसा नहीं रहा है।