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Kanpur Encounter: विकास दुबे और उसके 7 'हाथ', पांच का एनकाउंटर तीन गिरफ्तार, पढ़िए सातों की क्राइम कुंडली
Thu, 09 Jul 2020 05:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 09 Jul 2020 05:47 PM IST
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
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कानपुर के बिकरु गांव में आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने में विकास के गुर्गों का अहम रोल रहा है। विकास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले यह गुर्गे विकास के हर अपराध में उसके साथ होते। दो जुलाई की रात पुलिस पर हमले में भी गुर्गों ने उसका जमकर साथ दिया। किसी ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं तो किसी ने पुलिस कर्मियों को खोज-खोजकर गोलियों से छलनी किया। अभी तक की कार्रवाई में पुलिस के हाथ विकास और उसके सात गुर्गे लग चुके हैं जबकि 12 फरार चल रहे हैं। जिसमें पांच का एनकाउंटर कर पुलिस ने मारा गिराया। वहीं दो लोगों के पैर में गोली लगी है और वो पुलिस की गिरफ्त में हैं। पढ़िए विकास के सात गुर्गों के अपराध की क्राइम कुंडली....
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- फोटो : amar ujala
अमर दुबे
हमीरपुर के मौदहा में हुए एनकाउंटर में मारा गया अमर दुबे, विकास के साथ रहने वालों में सबसे खास था। घटना की रात अमर ने अवैध 32 बोर की पिस्टल के अलावा पुलिसकर्मियों की 9 एमएम पिस्टल छीन कर उनपर गोलियां बरसाई थीं। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक अमर विकास दुबे का सबसे खास गुर्गा था। एसएसपी ने बताया कि अमर खतरनाक था। जरा सी बात पर गोली चला देता था। 29 जून को अमर की शादी हुई थी।
हमीरपुर के मौदहा में हुए एनकाउंटर में मारा गया अमर दुबे, विकास के साथ रहने वालों में सबसे खास था। घटना की रात अमर ने अवैध 32 बोर की पिस्टल के अलावा पुलिसकर्मियों की 9 एमएम पिस्टल छीन कर उनपर गोलियां बरसाई थीं। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक अमर विकास दुबे का सबसे खास गुर्गा था। एसएसपी ने बताया कि अमर खतरनाक था। जरा सी बात पर गोली चला देता था। 29 जून को अमर की शादी हुई थी।
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प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय
फरीदाबाद से कानपुर लाते वक्त विकास दुबे के खास प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय ने पुलिस से पिस्टल छिन भागने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस की ओर से चली गोली में इसकी जान चली गई। इसने दो जुलाई की रात 9 एमएम की सरकारी पिस्टलें लूटीं और उनसे भी गोलियां चलाईं। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक कार्तिकेय भी विकास की वजह से खुलेआम गुंडई करता था। वारदात की रात विकास के इशारे पर इन दोनों ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं । जब पुलिसकर्मी छिपने को भागे तो दौड़ाकर घायल पुलिसकर्मियों को दबोच लिया।
फरीदाबाद से कानपुर लाते वक्त विकास दुबे के खास प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय ने पुलिस से पिस्टल छिन भागने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस की ओर से चली गोली में इसकी जान चली गई। इसने दो जुलाई की रात 9 एमएम की सरकारी पिस्टलें लूटीं और उनसे भी गोलियां चलाईं। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक कार्तिकेय भी विकास की वजह से खुलेआम गुंडई करता था। वारदात की रात विकास के इशारे पर इन दोनों ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं । जब पुलिसकर्मी छिपने को भागे तो दौड़ाकर घायल पुलिसकर्मियों को दबोच लिया।
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प्रेम प्रकाश पांडेय
जिस घर में सीओ देवेंद्र मिश्रा को दरिंदंगी से मौत के घाट उतारा गया वह प्रेम प्रकाश का ही था। घटना के अगले दिन शुक्रवार को कांबिंग के दौरान इसको सर्विलांस की मदद से पकड़ा गया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद प्रेम प्रकाश पुलिस को आंख दिखाता रहा था। इस दौरान उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में इसकी जान चली गई। बताया जाता है विकास के साथ यह कई वारदातों में शामिल रहा है। थाने में इसके खिलाफ डकैती समेत कई संगीन अपराधों में मामले दर्ज हैं ।
जिस घर में सीओ देवेंद्र मिश्रा को दरिंदंगी से मौत के घाट उतारा गया वह प्रेम प्रकाश का ही था। घटना के अगले दिन शुक्रवार को कांबिंग के दौरान इसको सर्विलांस की मदद से पकड़ा गया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद प्रेम प्रकाश पुलिस को आंख दिखाता रहा था। इस दौरान उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में इसकी जान चली गई। बताया जाता है विकास के साथ यह कई वारदातों में शामिल रहा है। थाने में इसके खिलाफ डकैती समेत कई संगीन अपराधों में मामले दर्ज हैं ।
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- फोटो : amar ujala
अतुल दुबे
काशीराम नवादा गांव के मंदिर में छिपे विकास के चचेरे भाई अतुल को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से उसकी जान चली गई। यह विकास के इशारे पर वारदात को अंजाम देने का काम करता था। घटना वाले दिन पुलिस जवानों को मौत के घाट उतारने में इसने भी गोलियां चलाई थीं। विकास के फरार होने के बाद ये भी फरार हुआ था पर पुलिस ने जंगल में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।
काशीराम नवादा गांव के मंदिर में छिपे विकास के चचेरे भाई अतुल को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से उसकी जान चली गई। यह विकास के इशारे पर वारदात को अंजाम देने का काम करता था। घटना वाले दिन पुलिस जवानों को मौत के घाट उतारने में इसने भी गोलियां चलाई थीं। विकास के फरार होने के बाद ये भी फरार हुआ था पर पुलिस ने जंगल में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।