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कानपुर एनकाउंटर: सामने आया वो शख्स जिसकी शिकायत पर विकास दुबे को पकड़ने गई थी पुलिस, किया चौंकाने वाला खुलासा
Thu, 16 Jul 2020 02:20 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 16 Jul 2020 02:20 AM IST
Kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड की अहम कड़ी और विकास दुबे से पीड़ित राहुल तिवारी ने बड़ा खुलासा किया है। उसको जब विकास ने पीटा, थानेदार ने भगाया तब वह एसएसपी के पास पहुंचा था। एसएसपी के आदेश पर विकास पर एफआईआर हुई और उनके ही निर्देश पर सीओ बिल्हौर ने फोर्स के साथ विकास की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी।
kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
अभी तक चर्चा थी कि मामले को सीधे सीओ ने संज्ञान में लिया था। राहुल ने बताया कि विकास ने जब उसको जान से मारने का प्रयास किया तो उसने तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी से एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई। एसओ ने रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया। तब वह एसएसपी दिनेश कुमार पी के पास पहुंचे।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
उनको पूरी घटना बताई। तब एसएसपी ने कार्रवाई के लिए सीओ को निर्देशित किया था। इसके पहले कहा जा रहा था कि शहीद डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्र विकास दुबे के पीछे पड़े थे। उन्होंने ही मामला संज्ञान में लिया था और फिर केस दर्ज करवाकर दबिश दी थी। अब राहुल के सामने आने के बाद इस कहानी पर विराम लग गया है।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
कप्तान भांप नहीं सके खतरा
विकास हमेशा कहता रहता था कि उसके गांव में पुलिस नहीं घुस सकती। अगर आएगी तो मार खाकर जाएगी। कई बार ऐसा हुआ भी। शहर में रह चुके अधिकारियों को इसकी जानकारी है। मगर जब राहुल ने शिकायत की तो नए एसएसपी वहां के खतरे को भांप नहीं सके। दबिश का आदेश दे दिया। अगर वे बिकरू और विकास के इतिहास से परिचित होते तो रणनीति के साथ पीएसी के अलावा कई अन्य थानों का फोर्स वहां भेजते।
विकास हमेशा कहता रहता था कि उसके गांव में पुलिस नहीं घुस सकती। अगर आएगी तो मार खाकर जाएगी। कई बार ऐसा हुआ भी। शहर में रह चुके अधिकारियों को इसकी जानकारी है। मगर जब राहुल ने शिकायत की तो नए एसएसपी वहां के खतरे को भांप नहीं सके। दबिश का आदेश दे दिया। अगर वे बिकरू और विकास के इतिहास से परिचित होते तो रणनीति के साथ पीएसी के अलावा कई अन्य थानों का फोर्स वहां भेजते।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
कम नहीं था फोर्स
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सर्किल की फोर्स ने दबिश दी थी। 40 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे। एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए इतना फोर्स पर्याप्त है। लेकिन फोर्स उस तैयारी से नहीं पहुंचा था जितनी विकास के लिए होनी चाहिए थी। किसी को अंदेशा नहीं था कि विकास इस तरह से हमला कर देगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सर्किल की फोर्स ने दबिश दी थी। 40 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद थे। एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए इतना फोर्स पर्याप्त है। लेकिन फोर्स उस तैयारी से नहीं पहुंचा था जितनी विकास के लिए होनी चाहिए थी। किसी को अंदेशा नहीं था कि विकास इस तरह से हमला कर देगा।