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एकता हत्याकांड: छह माह..फोन पर विमल से 60 घंटे बात, फिर भी नहीं जागी पुलिस, पीएम कार्यालय तक लिखी गई थी चिट्ठी
Tue, 29 Oct 2024 11:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 29 Oct 2024 11:47 AM IST
सार
एकता गुप्ता हत्याकांड में परिवार ने महिला आयोग से लेकर पीएमओ तक पत्र लिखा। सबूत जुटाए और दबाव बनाया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। अब परिवार ने जांच में लापरवाही पर सीबीआई जांच की मांग की है।
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kanpur murder
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के सिविल लाइंस की रहने वाली एकता गुप्ता की हत्या और कंकाल मिलने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी जिम ट्रेनर ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। एकता के परिवार ने भी इस मामले में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। एकता के लापता होने से आरोपी की गिरफ्तारी और कंकाल मिलने के बीच पुलिस का रवैया सवालों से घिरा रहा।
,ekta gupta murder
- फोटो : amar ujala
परिवार ने खुद जुटाए सबूत
परिवार ने खुद सबूत जुटाकर आरोपी जिम ट्रेनर विमल सोनी के बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिए, लेकिन पुलिस दोनों की कॉल डिटेल के आधार पर खुद भागने की थ्योरी को सही मानकर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। अंत में जब आईबी के अधिकारियों से पुलिस पर दबाव बनवाया और मृतक एकता की मां डीसीपी से जाकर मिली तब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
परिवार ने खुद सबूत जुटाकर आरोपी जिम ट्रेनर विमल सोनी के बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिए, लेकिन पुलिस दोनों की कॉल डिटेल के आधार पर खुद भागने की थ्योरी को सही मानकर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। अंत में जब आईबी के अधिकारियों से पुलिस पर दबाव बनवाया और मृतक एकता की मां डीसीपी से जाकर मिली तब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पति राहुल(दायं) व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
10 को सीएम दरबार, 11 जुलाई को पीएमओ को लिखा पत्र, नहीं मानी हार
कानपुर के शुक्लागंज के ऋषिनगर में रहने वाले एकता के बड़े भाई हिमांशु ने बताया कि 24 जून को ग्रीनपार्क स्थित जिम के लिए घर से निकली थी। एकता के घर नहीं आने पर राहुल ने उसी दिन जिम ट्रेनर विमल कुमार पर अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं की। पुलिस की निष्क्रियता देख परिवार ने 26 जून को महिला आयोग को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद 10 जुलाई को वह लोग मुख्यमंत्री जनता दरबार में भी पहुंचे। 11 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। यही नहीं, कंकाल मिलने से पहले तीन बार पति और भाई ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस के जांच न करने पर सवाल उठाए।
कानपुर के शुक्लागंज के ऋषिनगर में रहने वाले एकता के बड़े भाई हिमांशु ने बताया कि 24 जून को ग्रीनपार्क स्थित जिम के लिए घर से निकली थी। एकता के घर नहीं आने पर राहुल ने उसी दिन जिम ट्रेनर विमल कुमार पर अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं की। पुलिस की निष्क्रियता देख परिवार ने 26 जून को महिला आयोग को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद 10 जुलाई को वह लोग मुख्यमंत्री जनता दरबार में भी पहुंचे। 11 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। यही नहीं, कंकाल मिलने से पहले तीन बार पति और भाई ने प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस के जांच न करने पर सवाल उठाए।
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kanpur murder case
- फोटो : अमर उजाला
महीने में 60 घंटे की बातचीत, इसलिए नहीं सक्रिय हुई पुलिस
एकता के परिजन पुलिस को एकता की तलाश करने के लिए सक्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास करते रहे। हत्यारोपी के दो बार एटीएम से पैसे निकालने, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर तक पुलिस को सौंपे। साक्ष्य मिलने के बाद भी पुलिस इसलिए सक्रिय नहीं हुई क्योंकि पुलिस के पास दोनों के छह महीने में 60 घंटे की बातचीत की जानकारी थी। पुलिस ने साक्ष्य तो नहीं दिया लेकिन कॉल व मैसेज पर बातचीत, अक्सर साथ ही जिम के बाहर आना व पति की लिखाई एफआईआर में जेवर लेकर जाने की बात से पुलिस ने दोनों के खुद ही भागने की कहानी तैयार कर उसपर यकीन कर लिया। इसी कहानी की वजह से पुलिस ने मामले को बहुत गंभीरता से नहीं लिया।
एकता के परिजन पुलिस को एकता की तलाश करने के लिए सक्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास करते रहे। हत्यारोपी के दो बार एटीएम से पैसे निकालने, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर तक पुलिस को सौंपे। साक्ष्य मिलने के बाद भी पुलिस इसलिए सक्रिय नहीं हुई क्योंकि पुलिस के पास दोनों के छह महीने में 60 घंटे की बातचीत की जानकारी थी। पुलिस ने साक्ष्य तो नहीं दिया लेकिन कॉल व मैसेज पर बातचीत, अक्सर साथ ही जिम के बाहर आना व पति की लिखाई एफआईआर में जेवर लेकर जाने की बात से पुलिस ने दोनों के खुद ही भागने की कहानी तैयार कर उसपर यकीन कर लिया। इसी कहानी की वजह से पुलिस ने मामले को बहुत गंभीरता से नहीं लिया।
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Kanpur Ekta murder
- फोटो : सोशल मीडिया
माता-पिता बोले: जैसे बेटी को मारा, वैसे ही विमल को मिले सजा
जनरलगंज कपड़ा बाजार में काम करने वाले एकता के पिता गणेश प्रसाद गुप्ता और मां सुनीता ने बताया कि एकता उनकी इकलौती बेटी थी। कहा कि जैसे हत्यारोपी विमल ने उनकी बेटी को मारा, वैसे ही उसे भी सजा मिले। बताया कि 23 जून की रात बेटी अपने परिवार के साथ एक पार्टी में भी गई थी। वह एकदम पारिवारिक और रिश्तों में रमी रहने वाली लड़की थी। ऐसे में पुलिस की प्रेम प्रसंग जैसी कहानियां समझ से परे हैं।
जनरलगंज कपड़ा बाजार में काम करने वाले एकता के पिता गणेश प्रसाद गुप्ता और मां सुनीता ने बताया कि एकता उनकी इकलौती बेटी थी। कहा कि जैसे हत्यारोपी विमल ने उनकी बेटी को मारा, वैसे ही उसे भी सजा मिले। बताया कि 23 जून की रात बेटी अपने परिवार के साथ एक पार्टी में भी गई थी। वह एकदम पारिवारिक और रिश्तों में रमी रहने वाली लड़की थी। ऐसे में पुलिस की प्रेम प्रसंग जैसी कहानियां समझ से परे हैं।