यूपी के कानपुर में ऐतिहासिक बिठूर गंगा महोत्सव के दूसरे दिन गंगा किनारे मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल ने 'मन मेरा मंदिर', शिव मेरी पूजा' भजन गाकर शिव भक्ति की धारा बहा दी। कुछ भजन सुनने के बाद जनता ने फिल्मी गीतों की मांग की तो एक से बढ़कर एक पुराने गाने सुनाए। भजनों और गानों के बीच-बीच में अनुराधा कनपुरियों की चुटकी भी लेती रहीं।
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फिल्म 'अभिमान' में जया भादुड़ी के लिए गाया था श्लोक और फिर शुरू हो गया सिंगिंग करियर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 22 Dec 2017 09:13 AM IST
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सिंगर अनुराधा पौडवाल
अनुराधा पौडवाल
भजन संध्या में अनुराधा पौडवाल ने तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया जोता वालिये सुनाया। तुम भी बोलो जय माता दी, मैं भी बोलूं जय माता दी के जयकारे लगवाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गंगा मैया से सुहाग भी मांगा जाता है। गंगा किनारे बैठकर यह भजन तो लोग जरूर सुनना चाहेंगे। उन्होंने ओ गंगा मैया में जब तक पानी रहे, मेरे सजना तेरी जिंदगानी रहे सुनाया। इसके बाद ओ पालन हारे, निर्गुण ओ न्यारे, राम सिया राम जै जै राम सुनाया। इसी बीच कुछ लोगों ने फिल्मी गीतों की मांग की तो उन्होंने कहा कि मुझसे सिर्फ भजन सुनाने को कहा गया था। क्या आप फिल्मी गाने सुनेंगे, हां में उत्तर मिलने पर वह थोड़ा गुनगुनाईं। इसके बाद धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना गाना शुरू किया तो तालियां बजने लगीं।
अनुराधा पौडवाल
इस पर अनुराधा पौडवाल ने कहा कि कानपुर में अगर गाना पसंद आता है तो वीडियो बनने लगते हैं। इसे देखकर ही वह यहां के लोगों की पसंद जान जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब हाथ में मोबाइल रहेगा तो तालियां कैसे बजेंगी। इसके बाद उन्होंने कुछ पंक्तियां गुनगुनाईं, कुछ खोकर पाना है..और पूछा बताइए कौन सा गाना है। इसके बाद इक प्यार का नगमा है गाना गाया। नजर के सामने, जिगर के पास कोई रहता है और क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रहकर सुनाया तो खूब तालियां बजीं। एक सनम चाहिए आशिकी के लिए गीत भी खूब पसंद किया गया। गंगा आरती के साथ भजन संध्या का समापन हुआ। इस दौरान मंडलायुक्त पीके महान्ति, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, एडीएम फाइनेंस संजय चौहान समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
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अनुराधा पौडवाल
कनपुरिए ठीक, पर यहां की हवा और चाल ठीक नहीं
पार्श्व गायिका अनुराधा पौड़वाल ने कहा कि कानपुर के लोग तो ठीक हैं पर कानपुर को थोड़ा सुधारने की जरूरत है। यहां की हवा और चाल ठीक नहीं है। प्रदूषण ज्यादा और ट्रैफिक अव्यवस्थित है। इसमें सुधार की जरूरत है। बिठूर गंगा महोत्सव में आईं अनुराधा पौड़वाल ने कहा कि वह तीन साल पहले कानपुर आईं थीं। उन्हें पंडित होटल का मारवाड़ी खाना बहुत पसंद आता है। उन्होंने कहा कि अब वह फिल्मों में गाने नहीं गा रही हैं। स्टेज शो ही कर रही हैं। उन्हें अपनी गंगा की आरती सबसे अच्छी लगती है। अब जैसा माहौल चल रहा है वैसे ही फिल्में बन रही हैं। अब इंटरनेट ज्यादा प्रभावी है। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो आदि शंकराचार्य की रचनाओं की रिकार्डिंग करूंगी। अब आवाज बनाकर गाने का चलन चल रहा है।
पार्श्व गायिका अनुराधा पौड़वाल ने कहा कि कानपुर के लोग तो ठीक हैं पर कानपुर को थोड़ा सुधारने की जरूरत है। यहां की हवा और चाल ठीक नहीं है। प्रदूषण ज्यादा और ट्रैफिक अव्यवस्थित है। इसमें सुधार की जरूरत है। बिठूर गंगा महोत्सव में आईं अनुराधा पौड़वाल ने कहा कि वह तीन साल पहले कानपुर आईं थीं। उन्हें पंडित होटल का मारवाड़ी खाना बहुत पसंद आता है। उन्होंने कहा कि अब वह फिल्मों में गाने नहीं गा रही हैं। स्टेज शो ही कर रही हैं। उन्हें अपनी गंगा की आरती सबसे अच्छी लगती है। अब जैसा माहौल चल रहा है वैसे ही फिल्में बन रही हैं। अब इंटरनेट ज्यादा प्रभावी है। उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो आदि शंकराचार्य की रचनाओं की रिकार्डिंग करूंगी। अब आवाज बनाकर गाने का चलन चल रहा है।
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अनुराधा पौडवाल
अगर फिल्मों में मनमुताबिक गाने मिले तो ही गाऊंगी। गीतकार शंकर-जय किशन और मदन के साथ काम न कर पाने का मलाल रहता है। उनके गाने तो गाए हैं लेकिन साथ काम नहीं कर सकी। राजनीति में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि विराट और अनुष्का की जोड़ी अच्छी बनी है। अनुराधा पौड़वाल को पद्मश्री सम्मान मिल चुका है। उन्हें चार फिल्म फेयर अवार्ड भी मिल चुके हैं।