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हरिद्वार कुंभ: देवी-देवताओं का रूप धर नृत्य करने पर प्रतिबंध, अखाड़ा परिषद बोला- सनातन का उपहास बर्दाश्त नहीं

Sat, 12 Sep 2026 04:59 PM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार।
माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार। Published by: Renu Saklani Updated Sat, 12 Sep 2026 04:59 PM IST
सार

हरिद्वार कुंभ में धार्मिक स्वरूपों की मर्यादा बनाए रखने को लेकर अखाड़ा परिषद सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। परिषद ने देवी-देवताओं का रूप धारण कर नृत्य करने को सनातन परंपरा का उपहास बताते हुए ऐसे कृत्यों पर कानूनी रोक लगाने की बात कही है।

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Akhara Parishad Proposes Ban on Dance Performances in God and Goddess Costumes Haridwar Kumbh Uttarakhand
हरिद्वार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने देवी देवाताओं का रूप धारण कर नृत्य करने जैसे कृत्य को सनातन का उपहास बताया। उन्होंने कहा कि इस बार कुंभ में ही ऐसे कार्य करने वालों के विरुद्ध कानून बनाने को लेकर मंथन किया जाएगा। श्रीमहंत ने कहा कि ऐसे उपहास करने वालों पर इसी बार के नवरात्रों से प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। उन्होंने देवी-देवताओं का स्वरूप धारण कर नृत्य करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि सनातन धर्म का उपहास उड़ाने वाले ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मां दुर्गा या मां काली का रूप धारण कर नृत्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने बताया कि अखाड़ा परिषद की ओर से सचेत किए जाने के बाद भी कुछ लोग देवी-देवताओं का रूप धारण कर नृत्य कर रहे हैं। उन्होंने इस कार्य को पूरी तरह अशोभनीय बताया।

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श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि देवी देवताओं का स्वरूप धारण कर नृत्य कर सनातन धर्म का उपहास उड़ाने जैसे कृत्य को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि हिंदू देवी-देवताओं के स्वरूप में नृत्य करने से विरोधी तत्वों को सनातन धर्म का उपहास उड़ाने का अवसर मिलता है। इसी कारण अखाड़ा परिषद ने यह गंभीर निर्णय लिया है। परिषद ने आगामी नवरात्र पर्व के दौरान ऐसे कृत्यों पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया है। जो भी व्यक्ति इस प्रकार का कृत्य करता पाया जाएगा, उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।

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श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति विश्व की महान संस्कृतियों में से एक है। देवी-देवताओं का स्वरूप धारण कर नृत्य करना हमारी संस्कृति के प्रति अनादर दर्शाता है। परिषद ने पहले भी इस संबंध में अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद कुछ लोग इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

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सहयोग की अपील और चेतावनी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नवरात्रों के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले संगठनों से सहयोग की अपील की है। परिषद ने सभी से ऐसे कृत्यों को रोकने में मदद करने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय का सख्ती से पालन किया जाएगा। किसी भी उल्लंघन करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।
 

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