कानपुर बेमौसम तेज बारिश होने से गुरुवार को जिले के किसानों की चार माह की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज हवा से खेतों में खड़ी गेंहू की पकी फसल गिर गई। बिल्हौर क्षेत्र में खेतों में कटी पड़ी फसलों में पानी में भर गया। इससे गेंहू के उत्पादन में काफी प्रभाव पड़ेगा। वहीं मूंग, उड़द, टमाटर, खरबूजा की फसलें पानी में डूब गईं। जिन खेतों पर कटाई या थ्रेसिंग शुरू हो गई थी उन्हें बंद करना पड़ा।
Kanpur: बेमौसम आंधी-बारिश से चार महीने की मेहनत पर फिरा पानी, गेंहू के गठ्ठों में भरा पानी…खड़ी फसलें भी गिरी
Kanpur News: बारिश होने के बाद राजस्व की टीम अपने-अपने क्षेत्र में किसानों की फसलों में हुए नुकसान को देखने पहुंची थी। टीम ने सर्वे किया लेकिन कहीं पर फसल नष्ट नहीं मिली। एडीएम वित्त राजेश कुमार ने बताया कि 30 फीसदी से अधिक नुकसान के बाद भी आपदा राशि दी जाती है। जिले में ऐसा नुकसान कहीं पर नहीं हुआ।
खेतों में कटे पड़े गेहूं के गठ्ठे पूरी तरह भीग गए
गुरुवार सुबह अचानक तेज हवा के साथ बारिश होने से खेतों पर खड़ी फसल गिर गई। जो फसल कटी पड़ी थी वो पूरी तरह भीग गईं। कल्याणपुर ब्लक से लेकर बिल्हौर, ककवन तक तेज बारिश होने से खेतों में पानी भर गया। खेतों में कटे पड़े गेहूं के गठ्ठे पूरी तरह भीग गए। जो एक सप्ताह तक थ्रेसर से कट नहीं पाएंगे। पानी भरने से उड़द का पौधा सड़कर पूरी तरह खराब हो जाएगा। इससे किसानों को काफी नुकसान होगा।
फरवरी में पांच बीघा खेत में टमाटर की फसल लगाई गई थी। इसी माह फूल निकले थे। तेज बारिश से फूल पूरी तरह गिर गए। कई पौधे भी टूट गए। कर्ज लेकर तैयारी की गई फसल को बारिश ने बर्बाद कर दिया।
-धर्मेंद्र कुमार, रौतेपुर शिवराजपुर
गेंहू की फसल पककर तैयार थी। एक बीघा की फसल कट गई थी, तीन बीघा गेंहू पका खेत में खडा है। जो बारिश में गिर गया है। बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। हजारों का नुकसान हुआ है। -अनिल तिवारी, कुरसौली कल्याणपुर
सुबह घने बादल छाने व बूंदाबांदी से सांसें तेज होने लगी थीं कि यदि बारिश हुई तो क्या होगा। भगवान का शुक्र है कि बारिश नहीं हुई। नहीं तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाती।
-बलबीर सिंह, रैपुरा
बादल आने और कानपुर में तेज बारिश होने की जानकारी मिलने से दिल बैठने लगा था। गेहूं की फसल पूरी तरह से पकी खड़ी है, यदि बारिश हुई तो घर में अनाज कहां से आएगा। लेकिन सब कुछ ठीक रहा। -फूल सिंह सेंगर, पतारा
टीम ने किया सर्वे, सब मिला ठीक
बारिश होने के बाद राजस्व की टीम अपने-अपने क्षेत्र में किसानों की फसलों में हुए नुकसान को देखने पहुंची थी। टीम ने सर्वे किया लेकिन कहीं पर फसल नष्ट नहीं मिली। एडीएम वित्त राजेश कुमार ने बताया कि 30 फीसदी से अधिक नुकसान के बाद भी आपदा राशि दी जाती है। जिले में ऐसा नुकसान कहीं पर नहीं हुआ।