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पूर्व एसपी ने एक और कारोबारी से मांगे थे पांच लाख, एसआईटी ने दर्ज किए बयान, खुल रहीं भ्रष्टाचार की परतें
Fri, 18 Sep 2020 12:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 18 Sep 2020 12:56 PM IST
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मणिलाल पाटीदार आईपीएस
- फोटो : amar ujala
महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाले क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद अब कबरई पत्थर मंडी में भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने भ्रष्टाचार का एक और मामला पहुंचा। विस्फोटक डीलर केशव सविता ने पाटीदार पर पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का बयान दर्ज कराया।
महोबा गोलीकांड
- फोटो : amar ujala
बताया कि पैसे न देने पर विस्फोटक लदी गाड़ी बंद कर उसके व बेटे पर अलग-अलग फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं नौ दिन बाद भी जांच अधिकारी सीओ सदर राजकुमार पांडेय के किसी नतीजे पर न पहुंचने पर एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने उनकी जगह कुलपहाड़ सीओ कालूराम को जांच अधिकारी बनाया है। गौरतलब हो कि कबरई कस्बे के जवाहर नगर निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गई है।
महोबा में खनन
- फोटो : amar ujala
पुलिस महानिदेशक के आदेश पर वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजय सिंह मीना के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन पुलिस लाइन में तमाम लोगों को अलग-अलग बुलाकर बयान दर्ज किए और जानकारी ली। पहाड़ों में खनन के लिए प्रयुक्त होने वाले विस्फोटक के लाइसेंसधारक व्यापारी कबरई निवासी केशव सविता एसआईटी टीम के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे। वह अपने साथ सभी वैध कागजात भी ले गए और टीम को दिखाए।
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वायरल हो रहा है इंद्रकांत का फेसबुक पोस्ट
- फोटो : amar ujala
विस्फोटक कारोबारी केशव सविता, उसकी पत्नी सुधा, पुत्र मयंक व प्रदुम्म ने एसआईटी को बताया कि व्यापार चलाने के नाम पर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार ने इसी साल फरवरी में पांच लाख रुपये की मांग की। पैसे न भेजने पर 29 फरवरी को उनकी वैध विस्फोटक लदी गाड़ी को पकड़ लिया और शहर कोतवाली में खड़ा कर विस्फोटक अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया।
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छावनी बना महोबा
- फोटो : amar ujala
गाड़ी छोड़ने के एवज में 25 लाख की मांग की गई, मांग पूरी न करने पर केशव को जेल भेज दिया गया। इस घटना के दूसरे दिन उसके बेटे मयंक पर कबरई थाने में पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए जानलेवा हमले का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़ित व्यापारी ने एसआईटी टीम को पूरे मामले से अवगत कराया। यह मामला भी जांच में अहम भूमिका निभाएगा।