इटावा स्थित सैफई चिकित्सा विवि में डॉ. वंदना शुक्ला की मौत के मामले में शुक्रवार को परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पिता एवं भाजपा नेता ने विवि के दो डॉक्टरों पर बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। दावा है कि उनके पास मौजूद डॉ.वंदना और उसके जीजा की बातचीत के ऑडियो में इस बात का जिक्र है। डीएम, एसएसपी और एएसपी को प्रार्थनापत्र देकर जांच की मांग की है। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी जांच के लिए एक कमेटी बनाई है।
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सैफई मेडिकल कॉलेज में मिली थी डॉ. वंदना की लाश, पिता बोले मेरी बेेटी की हत्या हुई, डॉक्टराें पर आरोप
Sat, 28 Sep 2019 01:46 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 28 Sep 2019 01:46 AM IST
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इसी कमरे में रहती थीं डाॅ. वंदना
- फोटो : अमर उजाला
कमरे का दरवाजा तोड़ कर निकाली गई डॉ वंदना की लाश
- फोटो : अमर उजाला
23 सितंबर सोमवार की रात को सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से पैथोलॉजी से एमडी कर रही डॉ. वंदना शुक्ला का शव परिसर स्थित क्वार्टर के कमरे में फंदे पर लटका मिला था। शव के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। डॉ. वंदना के मोबाइल व लैपटॉप मिले थे, जिनको पुलिस ने कस्टडी में ले लिया था। पुलिस व विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे अब तक आत्महत्या का मामला माना है।
पोस्टमार्टम हाउस में सदर विधायक सरिता भदौरिया व भाजपायों ने केके शुक्ला से जानकारी ली
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों की ओर से भी तत्काल पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई थी। गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र के वकील कॉलोनी निवासी भाजपा नेता एवं वंदना के पिता कृष्ण कुमार शुक्ला 24 सितंबर की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर घर चले गए थे। शुक्रवार को भाजपा नेता, पिता विद्याधर शुक्ला के साथ इटावा पहुंचे। डीएम जेबी सिंह, एसएसपी संतोष कुमार मिश्रा व एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह से मिलकर उन्हें प्रार्थनापत्र दिया।
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गमजदा खड़े वंदना के दादा विद्याधर शुक्ला व परिवार के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
प्रार्थनापत्र में उन्होंने बताया कि उनके पिता विद्याधर की मौजूदगी में जब शव उतारा गया तो वंदना के पैर घुटने से मुड़े थे। भाजपा नेता ने बताया कि उनकी पुत्री डॉ. वंदना ने गत 23 सितंबर को बहनोई आनंद प्रकाश ओझा से फोन पर बात की थी। इसमें पुत्री ने कॉलेज प्रशासन के दो लोगों पर बेइज्जती, परेशान व प्रताड़ित करने की बात कही थी। बातचीत की ऑडियो भी उनके पास है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय भी कॉलेज प्रशासन से कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
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सैफई चिकित्सा विवि में डा. वंदना का आवास
- फोटो : अमर उजाला
बेटी सार्वजनिक रूप से कॉलेज प्रशासन की प्रताड़नाओं के खिलाफ आवाज उठाती रहती थी। इस कारण हत्या की आशंका जताई है। एएसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि परिवार के लोगों को साथ लेकर पुलिस अब डॉ. वंदना के कमरे की जांच करेगी। अब तक कमरा सील था। पुलिस ने डॉ. वंदना के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली हैं। जांच के बाद ही पुलिस रिपोर्ट दर्ज करेगी। कॉलेज प्रशासन के लोगों की प्रताड़ना के सवाल पर एएसपी ने कहा कि सभी बिंदुओं की जांच सीओ क्राइम वैभव पांडेय कर रहे हैं।