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'हरा सोना' पर डकैत गौरी का कब्जा, पत्ते के बदले मांगे 50 हजार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 27 May 2018 09:11 PM IST
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एक लाख तीस हजार रुपये के इनामी डाकू गौरी यादव ने भरतकूप के खंभरिहा जंगल से मजदूरों और वन कर्मियों को खदेड़ दिया। डाकू ने हरा सोना कहे जाने वाले पत्ते को तोड़ने के बदले 50 हजार की रंगदारी मांगी है। आप भी जानकर हैरान रह जाएंगे कि आखिर इस पत्ते में इतना क्या खास है।
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चित्रकट जिले में इन दिनों तेंदू पत्ता (हरा सोना) के तोड़ने का काम जारी है। करोड़ों रुपये के इस काम में अक्सर डकैतों की दखलंदाजी होती रही है। कुख्यात ददुआ से लेकर अन्य डाकू गैंग भी पत्ते तोड़ने के काम के दौरान समय फड़ मुंशियों व वनकर्मियों को डरा धमकाकर लाखों रुपये की रंगदारी वसूलते रहे हैं।
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13 मई से शुरू हुए इस साल के तेंदू पत्ता तोड़ने में पहला हफ्ता तो बेहद शांति से गुजरा लेकिन दूसरे हफ्ते में शुक्रवार शाम व शनिवार तड़के भरतकूप क्षेत्र के खंभरिहा जंगल में एक लाख तीस हजार के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग आ धमका।
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मजदूरों को खदेड़कर तेंदू पत्ता तोड़ने से रोका और फड़ मुंशियों को बुलाकर 50 हजार की रंगदारी पहुंचाने की धमकी दी है। रंगदारी न देने पर मजदूरों की पिटाई की धमकी दी है। इसके बाद से इस क्षेत्र में तेंदू पत्ता तोड़ने का काम प्रभावित है। तेंदूपत्ता आसानी से लपेटे जाने वाले गुण और प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण बीड़ी बनाने के लिये सर्वाधित उपयुक्त माना जाता है।
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डीएलएम एके तिवारी ने बताया कि कुछ लोग डकैतों का भय दिखाकर सरकारी काम में अड़ंगा लगाते हैं। फिलहाल इस मामले की जानकारी पूरी नहीं मिली है। मजदूरों व फड़ मुंशियों को विश्वास दिलाया गया है कि जरूरत पड़ने पर पुलिस की भी मदद ली जाएगी। तेंदू पत्ता तोड़ने का काम कुछ धीमा जरूर हुआ है लेकिन इसे लगातार जारी रखेंगे।