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जारी है जानवरों से जंग...इस बार तो महिलाओं ने साधा मोर्चा, जरा तस्वीरें भी देख लीजिए

Thu, 17 Jan 2019 12:25 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 17 Jan 2019 12:25 AM IST
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cattle problem in auraiya uttar pradesh
आवारा जानवरों से त्रस्त ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
आवारा जानवरों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। लेकिन इस बार जो तस्वीर सामने आई है वो थोड़ा चौंकाने वाली है। यहां महिलाओं ने भी आवारा जानवरोंं से त्रस्त होकर मोर्चा खोल दिया है। औरैया जिले के बिधूना में अस्थायी गोशाला का निर्माण न होने और आवारा जानवरों की धमाचौकड़ी से आजिज ग्रामीणों के सब्र का बांध बुधवार को फूट गया। क्षेत्र के पुरवा पट्टी के ग्रामीण पुरुषों और महिलाओं ने आवारा जानवरों को पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया।

 

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cattle problem in auraiya uttar pradesh
आवारा जानवरों से त्रस्त ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
जानवरों को स्कूल परिसर में घुसते देख अध्यापकों ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। पुलिस को भी फोन किया। इस पर कोतवाली पुलिस पहुंची और ग्रामीणों से जानवरों को विद्यालय परिसर से बाहर निकालने को कहा। इस पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प होने लगी। मामला बढ़ ही रहा था कि इसी बीच एसडीएम अमित राठौर भी पहुंच गए। उन्होंने प्रधानपति और ग्रामीणों से बात की और अस्थायी गोशाला खोलने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी ग्रामीण नहीं माने। लगभग पांच घंटे तक चले तमाशा चलता रहा और अध्यापकों ने स्कूल की छुट्टी कर दी। दोपहर तीन बजे के बाद अफसरों ने किसानों को किसी तरह से समझाबुझाकर जानवरों को बाहर निकाला और गांव में बने तीन बाड़ों में बंद किया गया।  

 

 

cattle problem in auraiya uttar pradesh
आवारा जानवरों से त्रस्त ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
बुधवार सुबह लगभग 10 बजे ग्राम पुरवा पट्टी में बने पूर्व माध्यमिक विद्यालय में किसानों ने आवारा पशुओं को स्कूल परिसर में बंद कर दिया। इस पर प्रधानाध्यापक विमलेश कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार को सूचना दी। पुलिस भी पहुंच गई और किसानों से आवारा जानवरों को बाहर निकालने की बात कही। ग्रामीणों से कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इस पर किसान भड़क उठे।
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आवारा जानवरों से त्रस्त ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने कहा कि प्रशासन ने किसी अस्थायी गोशाला का निर्माण नहीं किया है। जानवरों को कहां रखें, जो पूरा खेत का खेत नष्ट कर रहे हैं। इस पर विवाद होने लगा। मामले की गंभीरता को देखकर पहुंचे एसडीएम अमित राठौर और कोतवाली प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाया। एसडीएम ने ग्राम प्रधान पति रामशरण से बात कर लेखपाल को बुलाया और ग्राम पंचायत में खाली पड़ी चारागाह की जमीन को चिह्नित कराया। इसके बाद जानवरों को गांव में स्थित तीन अलग-अलग बाड़ों में बंद कराकर राहत की सांस ली।   
 
 
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आवारा जानवरों से त्रस्त ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
किसानों में आक्रोश इतना ज्यादा था कि अधिकारियों के सामने ही किसान स्कूल परिसर में आवारा जानवरों को खदेड़कर लाते रहे और बंद करते रहे। पुलिस और अधिकारी मूकदर्शक बने सबकुछ देखते रहे। ग्रामीण हाथों में लाठियां और डंडे लिए स्कूल परिसर में जानवरों को खदेड़ते रहे। साथ ही जानवरों को स्कूल में बंद करने में महिलाओं ने भी किसानों का साथ दिया। मेन रोड पर लकड़ी आदि डालकर रास्ते को भी बंद कर दिया।
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