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तहसीलदार को पीटने का मामला: लॉकडाउन उल्लंघन, संक्रमण फैलाने में भी फंसे भाजपा सांसद सुब्रत पाठक
Thu, 09 Apr 2020 02:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 09 Apr 2020 02:35 AM IST
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भाजपा सांसद सुब्रत पाठक
- फोटो : amar ujala
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कन्नौज में सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के आरोपी कन्नौज के भाजपा सांसद सुब्रत पाठक और उनके समर्थक लॉकडाउन के उल्लंघन में भी फंस गए। पुलिस ने जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, उनमें धारा 144 के उल्लंघन पर धारा 188 के अलावा धारा 269 और 270 भी शामिल हैं।
हमले के बाद फोटो दिखाते सदर तहसीलदार अरविंद कुमार एवं पीला गमछा डाले भाजपा सांसद सुब्रत पाठक
- फोटो : amar ujala
लॉकडाउन के बाद भी 25 से ज्यादा भाजपाई सदर तहसील तक पहुंच गए थे। बीच में लगी चेक पोस्ट पर भी उन्हें रोकने का साहस पुलिस नहीं कर सकी थी। सदर तहसीलदार के साथ मंगलवार दोपहर करीब सवा दो बजे उनके ही आवास पर मारपीट हुई थी। इससे आक्रोशित जिले की तीनों तहसीलों के कर्मचारियों ने काम ठप कर दिया था।
सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद
- फोटो : amar ujala
सामुदायिक रसोई से लेकर खाद्यान्न वितरण और क्वारंटीन वार्ड में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था बेपटरी होते देख अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आखिर में सांसद सुब्रत पाठक के अलावा भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सचिन शर्मा, सौरभ कटियार और शिवेंद्र के अलावा 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार
- फोटो : amar ujala
संक्रमण फैलने की आशंका पर धारा 269 और ऐसा कोई कार्य जिससे कोई संक्रमण फैल जाए, लोगों के जीवन में भय पैदा हो जाए पर धारा 270 लगाई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही स्थिति सामान्य हुई। अब एकजुट कर्मचारी भाजपा सांसद समेत सभी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। उधर, सांसद पक्ष से भी तहरीर भेजी गई, लेकिन उच्चाधिकारियों से मुकदमा दर्ज करने की स्वीकृति न मिलने से कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक ने सांसद कार्यालय प्रभारी अवनीश बेरिया को तहरीर वापस कर दी।
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हमले के बाद फोटो दिखाते सदर तहसीलदार अरविंद कुमार
- फोटो : amar ujala
दरअसल मजिस्ट्रेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए उच्चाधिकारियों की अनुमति जरूरी होती है। अब माना जा रहा है कि सांसद और उनके समर्थकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि खुद पीएम और सीएम ने लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की अपील जारी कर रखी है। एक कमेटी इसकी समीक्षा के लिए भी लगी है।