कानपुर आरटीओ: दलालों पर कार्रवाई से पसरा सन्नाटा, ऑनलाइन आवेदन 56 फीसदी घटे, सारथी पोर्टल की सेवाओं पर ब्रेक
Kanpur News: आरटीओ कार्यालय में पुलिस और प्रशासन की कड़ी कार्रवाई के बाद दलाल तो गायब हुए ही हैं। साथ ही, ऑनलाइन आवेदनों में भी 56 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। एक सप्ताह पहले जहां सारथी पोर्टल की 12 प्रमुख सेवाओं में 2428 आवेदन आए थे। वहीं, अब यह आंकड़ा घटकर 1061 रह गया है।
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कानपुर में संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय (आरटीओ) में पुलिस और प्रशासन की सख्ती से जहां परिसर में दलाल नजर नहीं आ रहे हैं, वहीं ऑनलाइन सेवाओं पर भी असर हुआ है। एक हफ्ते पहले सारथी पोर्टल की 12 सेवाओं में करीब 2428 आवेदन आए थे। वहीं कार्रवाई के बाद आंकड़ा घटकर 1061 रह गया। आवेदन में करीब 56 फीसदी की गिरावट आई है।
सेवाओं के साथ राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। आरटीओ में वाहन स्वामियों को चक्कर न लगाना पड़े उसके लिए 52 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। सारथी पोर्टल की तकनीकी खामियों और प्रक्रिया की जटिलता का फायदा दलाल उठा रहे थे। आवेदक छोटे-मोटे कार्यों के लिए उन्हीं के पास पहुंच रहे थे। पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई, जिके बाद से ऑनलाइन आवेदन भी प्रभावित हो गए।
अन्य ऑनलाइन सेवाओं में भी आवेदन कम हुए
परिवहन अधिकारियों की मानें तो काफी संख्या में आवेदक डर या दहशत के आवेदन नहीं कर रहे हैं। एक सप्ताह पहले लर्निंग लाइसेंस के लिए 1215 आवेदन आए थे, लेकिन कार्रवाई के बाद 652 आवेदन ही आए। परमानेंट डीएल में पहले 769 आवेदन आए थे। सात दिन बाद 168 ही आए। इसी तरह डीएल नवीनीकरण के 189 मामले कम होकर 128 ही आए है। इसी तरह से अन्य ऑनलाइन सेवाओं में भी आवेदन कम हुए।
सारथी भवन में पसरा रहा सन्नाटा
सोमवार को सारथी भवन में लाइसेंस संबंधी काम के लिए आने वाले लोगों की संख्या काफी कम दिखाई दी। पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और ऑनलाइन प्रक्रिया में आ रही अड़चनों के चलते जिन लोगों को घर बैठे काम पूरा हो जाना चाहिए, उन्हें अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्रवाई की दहशत का असर कार्यालय आने वाले लोगों और काम कराने की प्रक्रिया पर भी दिखाई दे रहा है।
एआरटीओ ने दूसरे बाबुओं को सौंपा चार्ज
निलंबित हुए कैश बाबू विपिन और चालान बाबू मधुर मिश्रा को लखनऊ मुख्यालय में संबद्ध कर दिया गया था। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने सोमवार को कैश बाबू पटल की जिम्मेदारी कमरूल इस्लाम को सौंप दी। वह दूसरे स्टेट की गाड़ियों के ट्रांसफर कार्य के साथ कैश का जिम्मा संभालेंगे। वहीं चालान कार्य में तीन बाबू तैनात थे। अब गिरीश और अमित कुमार दोनों मिलकर चालान कार्य को संभालेंगे।
कार्रवाई के बाद से परिसर में सन्नाटा है। ऑनलाइन आवेदन में काफी कमी आयी है। सबसे ज्यादा असर लर्निंग लाइसेंस पर पड़ा है। वाहन स्वामी को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए लगातार निगरानी जारी है। -संतोष कुमार, आरआई आरटीओ