फतेहपुर जिले के जहानाबाद में हुए सड़क हादसे में दस लोगों की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। हादसे की वजह तलाशने के लिए शासन के निर्देश पर आरटीओ विभाग की दो टीमें घटनास्थल पर पहुंची। टीमों ने मौके पर वाहनों की रफ्तार, घटनास्थल के मोड़ समेत अन्य वजहों को जाना है। जांच में सामने आया कि ऑटो का परमिट जिले में संचालन के लिए नहीं था। इसके बाद क्षमता से करीब चार गुना लोगों को चालक बैठाए था। इससे आटो अनियंत्रित हो सकता है।
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फतेहपुर हादसे में 10 की मौत: क्षमता से अधिक सवारी और टैंकर की तेज रफ्तार बनी वजह, देखें तस्वीरें
Tue, 16 May 2023 10:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 May 2023 10:21 PM IST
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फतेहपुर सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
एआरटीओ प्रथम सुरेश चंद्र यादव और एआरटीओ द्वितीय जीएन मिश्रा भी पहुंचे। अधिकारियों ने पहले दोनों वाहनों के चेचिस नंबर के आधार पर कागजात जांचे। दोनों वाहनों के कागजात दुरुस्त मिले। ऑटो जिले में बिना परमिट आने का पता लगा है। टैंकर का पंजीकरण बुलंदशहर और ऑटो का कानपुर देहात में पंजीकरण है। एआरटीओ द्वितीय जीएन मिश्रा ने बताया कि ऑटो में चालक समेत चार लोग बैठाने की अनुमति है। इसमें 11 लोग सवार थे।
फतेहपुर सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
ओवरलोड के कारण अक्सर चालक नियंत्रण खो बैठते हैं। मौके पर मोड़ भी है। टैंकर चालक भी तेज रफ्तार में रहा होगा। तेज रफ्तार का अनुमान ऑटो की हालत देेखकर लगाया जा सकता है। करीब दो घंटे टीम मौके पर हादसे की वजह तलाशती रही। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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फतेहपुर सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के लोग सिलबट्टे बनाने का करते काम
हादसे में दिवंगत परिवार के लोग सिलबट्टा बनाने का काम करते हैं। यह लोग पत्थर काटकर अन्य वस्तुएं भी बनाता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर सिलबट्टे टांकते हैं।
हादसे में दिवंगत परिवार के लोग सिलबट्टा बनाने का काम करते हैं। यह लोग पत्थर काटकर अन्य वस्तुएं भी बनाता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर सिलबट्टे टांकते हैं।
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फतेहपुर सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
शवों की पहचान में कई घंटे गुजरे
हादसे में ऑटो सवार दो को छोड़कर सभी लोग जान गवां बैठे। घायल बच्ची सौम्या और बहादुर की भी हालत नाजुक हो गई। कोई किसी को पहचानने वाला नहीं बचा। जहानाबाद में खबर फैली। सगाई कार्यक्रम वाले परिवार तक खबर पहुंची तो हड़कंप मच गया। यहां मृतक अनिल का भाई राजेश, सतीश परिवार के साथ मौजूद थे। यह लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस मौके से शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज चुकी थी। जहानाबाद से राजेश, सतीश पोस्टमार्टम हाउस शाम को आए। यहां अनिल और उसके परिवार के शवों की पहचान की। इलाज के दौरान सौम्या ने भी दम तोड़ दिया।
यह भी पढ़ें- फतेहपुर में बड़ा हादसा: दूध टैंकर की टक्कर से ऑटो के परखच्चे उड़े, नौ की मौत, दो घायल
हादसे में ऑटो सवार दो को छोड़कर सभी लोग जान गवां बैठे। घायल बच्ची सौम्या और बहादुर की भी हालत नाजुक हो गई। कोई किसी को पहचानने वाला नहीं बचा। जहानाबाद में खबर फैली। सगाई कार्यक्रम वाले परिवार तक खबर पहुंची तो हड़कंप मच गया। यहां मृतक अनिल का भाई राजेश, सतीश परिवार के साथ मौजूद थे। यह लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस मौके से शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज चुकी थी। जहानाबाद से राजेश, सतीश पोस्टमार्टम हाउस शाम को आए। यहां अनिल और उसके परिवार के शवों की पहचान की। इलाज के दौरान सौम्या ने भी दम तोड़ दिया।
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