बांदा हादसे में जिंदा जली विश्वविद्यालय की महिला क्लर्क का शव पोस्टमार्टम के लिए पॉलीथिन में मांस के लोथड़े के रूप में पहुंचा। धड़ के कई हिस्से भी गायब थे। हादसे के समय तेज धमाके की आवाज सुनकर घरों से निकले प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ऐसा खौफनाक मंजर जीवन में पहली बार देखा।
Banda Road Accident: दोनों पैर और बायें हाथ का कुछ हिस्सा न मिला, पोस्टमार्टम के लिए बचा था बस मांस का टुकड़ा
पॉलीथिन में भरकर मोर्च्युरी लाया गया शव
शव पूरी तरह से जलकर मांस के लोथड़े में तब्दील हो गया था। उसे पॉलीथिन में भरकर मोर्च्युरी लाया गया। गुरुवार को डॉ. विकासदीप और डॉ. विजय शंकर केसरवानी ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टरों ने बताया कि शव का डीएनए सैंपल लिया गया है, जो जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
शव में दोनों पैर और बायें हाथ का कुछ हिस्सा नहीं था। ससुर चंद्रेश्वर सिंह की तहरीर पर आरोपी ड्राइवर अखिलेश यादव निवासी लालगंज बस्ती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस अभिरक्षा में हरदौली घाट में शव का अंतिम संस्कार किया गया। शहर कोतवाल श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि ड्राइवर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट हुई है।
बैग, मोबाइल व हाथ का हिस्सा चौराहे पर बिखरा
तेज धमाके के साथ टायर फटने के बाद धूं-धूं कर डंपर जल गया था। डंपर में स्कूटी और महिला के शरीर का कुछ हिस्सा फंसा था। मवई चौराहे तक आते-आते महिला के अंग बिखरते चले गए थे। हाथ का कुछ हिस्सा उछलकर चौराहे से करीब 50 मीटर दूर जा गिरा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ऐसा हादसा न कभी देखा और न कभी सुना। बहुत ही दर्दनाक हादसा था। मंजर को याद करके रूह तक कांप जाती है।
आग की लपटों से घिरा था डंपर
पेट्रोल पंप के पास के रहने वाले अध्यापक सुखराम वर्मा ने बताया कि वह घटना के समय जानवरों की भूसा-सानी कर रहे थे। तेज धमाके की आवाज सुनी तो बाहर आकर देखा, डंपर आग की लपटों से घिरा था। ड्राइवर कूदकर भाग रहा था। उन्होंने 112 पुलिस और फायर ब्रिगेड को भी फोन लगाया। महिला का शव पॉलीथिन में समेटा गया था।