बांदा में बाल यौन शोषण मामले में दोषी पाए गए रामभवन पर प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन करने वाली सीबीआई टीम जब कड़ियां जोड़ने लगी तो उसे भी पसीना आ गया था। पूरा मामला इन दिनों में चर्चा में चल रहे एपस्टीन कांड जैसा था। रामभवन ने ब्राजील, अमेरिका, चीन, अफगानिस्तान समेत करीब 47 देशें में अश्लील वीडियो सांझा किए थे।
सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि इंटरपोल ने 17 अक्तूबर 2020 को सीबीआई को जानकारी दी। इसमें 34 बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो और 679 फोटो वाली पेन ड्राइव थी। सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2020 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह, दोषी दुर्गावती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच में रामभवन ने 34 बच्चों के 79 वीडियो बनाए थे। इन वीडियो को 47 देशों में बेचकर करोड़ों रुपये कमाए गए थे। उसकी पत्नी दुर्गावती भी इस काम में सहयोगी थी।
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सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
काउंसलिंग के बाद बयान देने को तैयार हुए पीड़ित बच्चे
लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि जिन बच्चों का शोषण हुआ उसमें आठ हमीरपुर, 11 चित्रकूट और 15 बच्चे बांदा जिले के शामिल थे। इन सभी की चाइल्ड लाइव संस्था के सहयोग से काउंसलिंग की गई। जिससे वह बयान देने को तैयार हुए।
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सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट से मुंह बांधकर निकाला रामभवन
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सबसे पहले बच्चों का भरोसा जीता और उन्हें विश्वास दिलाया था कि अब वह सुरक्षित हैं, तब जांच आगे बढ़ सकी थी। सभी बच्चों ने बयान के दौरान दोनों की पहचान भी की थी। जिससे रिपोर्ट दर्ज करने और फांसी तक पहुंचाने में बहुत मदद मिली। बताया कि बच्चों का उपचार एम्स में कराने के बाद आज सभी स्वस्थ हैं।
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आरोपी दंपती
- फोटो : amar ujala
जेई के जाने के बाद पत्नी भी करती थी शारीरिक शोषण
यदि आप वह गंदे वीडियो देखें और किसी भी पीड़ित बच्चे से उनका दर्द साझा करते तो निश्चित ही आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे...आपको गुस्सा आना तय है। दोनों की हैवानियत सुनकर फांसी की सजा भी कम लगेगी। इस कड़ी में एक पीड़ित बालक से बात हुई। हालांकि इस समय उसकी उम्र 18 वर्ष है। वह हमीरपुर के एक गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले वह रामभवन के संपर्क में आया था।