यूपी के उन्नाव जिले में बिहार थानाक्षेत्र के गांव सरांय मंगली में संपत्ति विवाद में भाभी की हत्या कर खुद जहर खाकर आत्महत्या करने वाले देवर-भाभी का गुरूवार को बक्सर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। घर और ढाई बीघा जमीन के बंटवारे के विवाद ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं।
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भाभी को गड़ासे से काटने के बाद किया SUICIDE, एक साथ उठी अर्थियां तो 'छलछला उठी हर आंख'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 06 Apr 2018 08:48 AM IST
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भाभी को मौत के घाट उतारने के बाद खुद भी किया सुसाइड
- फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद पुलिस छानबीन
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सरांय मंगली गांव निवासी मंजू देवी (35) पत्नी छेदीलाल लोध का देवर शिवेंद्र उर्फ नन्हक्कू से करीब तीन साल से जमीन व घर के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसे लेकर आए दिन विवाद होता रहता था। बुधवार को भी सुबह मंजू और शिवेंद्र के बीच विवाद हुआ था। गुस्से में आकर शिवेंद्र ने भाभी मंजू पर गड़ासे से हमला कर हत्या कर दी थी। भाभी की हत्या करने के बाद शिवेंद्र पास के अकठी गांव के बाहर खेतों में छिप गया।
दादी-बाबा के साथ बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की आवाजाही बढ़ी तब उसे अपने किए गए जुर्म और हश्र का अहसास हुआ। इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। कानपुर हैलट में इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार को मृतका मंजू व उसके हत्यारोपी देवर शिवेंद्र का अंतिम संस्कार हुआ। मुंबई में रह रहा पति छेदीलाल गांव पहुंचा और पत्नी मंजू का बक्सर घाट में अंतिम संस्कार किया। उसने भाई का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह अपने तीनों बच्चों को लेकर अपनी ससुराल छेदाखेड़ा चला गया। गुरुवार शाम लगभग चार बजे पुलिस शिवेंद्र का शव लेकर गांव पहुंची तो परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार करने और शामिल होने से इनकार कर दिया। बाद में चचेरे भाई शिवकुमार ने शिवेंद्र का अंतिम संस्कार किया।
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बहू की हत्या व बेटे की मौत से बदहवास हैं माता-पिता
बहू मंजू की हत्या व हत्यारोपी बेटे शिवेंद्र की मौत से बुजुर्ग पिता हुबलाल व मां रजाना बदहवास हैं। उनकी आंखों से मानों आंशू सूख से गए हों। एक साथ दो अर्थी उठते देख बुजुर्ग दंपति का मानो पूरा शरीर कांप सा रहा हो। वह किसी से भी कुछ पाने में असमर्थ दिख रहे थे।
बहू मंजू की हत्या व हत्यारोपी बेटे शिवेंद्र की मौत से बुजुर्ग पिता हुबलाल व मां रजाना बदहवास हैं। उनकी आंखों से मानों आंशू सूख से गए हों। एक साथ दो अर्थी उठते देख बुजुर्ग दंपति का मानो पूरा शरीर कांप सा रहा हो। वह किसी से भी कुछ पाने में असमर्थ दिख रहे थे।
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पुलिस
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बुजुर्ग सास-ससुर के साथ ही रहेगी मृतक की पत्नी
हत्यारोपी बेटे शिवेंद्र की मौत के बाद उसकी पत्नी प्रीती देवी व सात माह के बच्चे की जिम्मेदारी बुजुर्ग माता-पिता के कंधों पर आ गई है। इन उम्र में वह यह बोझ कैसे उठाएंगे यह सोंचकर भी उनकी रूह कांप रही थी। बड़े बेटे ने छोटे भाई के परिवार की कुछ भी मदद करने से इंकार कर दिया है।
हत्यारोपी बेटे शिवेंद्र की मौत के बाद उसकी पत्नी प्रीती देवी व सात माह के बच्चे की जिम्मेदारी बुजुर्ग माता-पिता के कंधों पर आ गई है। इन उम्र में वह यह बोझ कैसे उठाएंगे यह सोंचकर भी उनकी रूह कांप रही थी। बड़े बेटे ने छोटे भाई के परिवार की कुछ भी मदद करने से इंकार कर दिया है।