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डिंपल यादव के दखल के बाद उठा सवाल क्यों पुलिस ने नीशू को आठ घंटे थाने में बैठाया, लटकी मिली थी लाश

Tue, 11 Aug 2020 03:13 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 11 Aug 2020 03:13 PM IST
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After Dimple Yadav's intervention, question is why the police had Nishu sit in the police station for eight hours
नीशू कांड में डिंपल यादव ने दिया दखल - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के जालौन में नीशू की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच अब पुलिस और व्यापारी दोनों के गले की फांस बन गई है। यदि तहरीर के मुताबिक, कार्रवाई होती है तो शिकायतकर्ता व्यापारियों का नाम भी दोषियों की सूची में शामिल हो सकता है। इसको लेकर व्यापारियों में भी हड़कंप मचा है। रामनगर निवासी युवती नीशू ने शनिवार की सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।


परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर तहरीर दी थी कि मोबाइल की दुकान पर तीन-चार लड़कों ने बेटी की जबरन तस्वीर खींच कर छेड़खानी की थी। प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए थे। एसपी ने आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था।

 
After Dimple Yadav's intervention, question is why the police had Nishu sit in the police station for eight hours
नीशू खुदकुशी मामला - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद नीशू की सहेलियों के भी बयान लिए गए। बयान में फोटो खींचने की बात भी आई है, जबकि पुलिस का कहना है कि फोटो खींचने और चोरी की शिकायत करने वाले व्यापारी थे। ऐसे में यदि जांच तहरीर के आधार पर हुई तो व्यापारियों के गले की फांस बन सकती है या फिर कुछ और पुलिस कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।

किसी भी निर्दोष के साथ गलत नहीं होगा
आईजी सुभाष बघेल ने कहा इसमें कोई दो राय नहीं है कि व्यापारियों ने चोरी की शिकायत पुलिस से की थी। युवतियों को लेने महिला पुलिस भी गई थी। पुलिस की गलती थी कि लड़कियों को रात तक थाने में रोका गया, जिस पर दरोगा को लाइन हाजिर भी किया गया है। रही बात जांच और एफआईआर की तो किसी भी निर्दोष के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। चाहे वह पुलिस कर्मी हो या कोई व्यापारी। सक्षम अधिकारी जांच कर रहे हैं और जल्द पूरी होने के बाद मानिए कि दोषियों पर कार्रवाई भी होना तय है।

 
After Dimple Yadav's intervention, question is why the police had Nishu sit in the police station for eight hours
थाने में रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
घंटों रोकने को व्यापारियों ने नहीं कहा था  
व्यापारियों ने तो केवल शिकायत ही पुलिस से की थी। यह तो नहीं कहा था कि आठ घंटे रोककर पूछताछ करें। शिकायत के बाद पुलिस के पहुंचते ही व्यापारियों पर ही आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए। यदि युवतियां दोषी थीं तो कार्रवाई करते वर्ना कुछ देर की पूछताछ के बाद उन्हें जाने देते। यदि व्यापारी पर कार्रवाई हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
तरुण तिवारी, जिलाध्यक्ष, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल

मामले में शासन की भी नजर
पूर्व सांसद डिंपल यादव और प्रियंका गांधी वाड्रा के ट्वीट के बाद शासन भी गंभीरता हो गया है। प्रदेश का गृह मंत्रालय में भी मामले में पूरी नजर बनाए हुए है। जिस कारण जांच में भी पूरी गंभीरता बरती जा रही है। कहा जा रहा कि जांच पर नजर रखने को गृह मंत्रालय की टीम भी सक्रिय की गई है, लेकिन कोई अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।    

 
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थाने में रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
एएसपी के पहुंचने पर हुई थी सुपुर्दगी
थाने और सर्किल के अफसरों की जानकारी में मामला होने के बाद भी दरोगा ने कमरे में युवतियों से घंटों पूछताछ की। अफसरों के मुताबिक, रात को जब एएसपी डॉ. अवधेश सिंह गश्त के दौरान कोतवाली पहुंचे और युवतियों व उनके परिजनों को देखा तो उन्होंने तत्काल ही सुपुर्दगी के निर्देश दिए। इसके बाद ही नीशू व उसकी सहेलियों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

मोबाइल विक्रेता ने भी पल्ला झाड़ा
जिस मोबाइल की दुकान से चोरी की बात शुरू हुई है, उसके मालिक ने अब पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है। पुलिस को बताया कि युवती के साथ हुई घटना से उसका व उसकी दुकान का कोई लेना देना नहीं है। इससे भी पुलिस की मुसीबत कम होने के बजाए और बढ़ गई है।
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थाने में रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि जालौन जिले के उरई में पुलिस प्रताड़ना से क्षुब्ध युवती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस युवती को चोरी के आरोप में कोतवाली ले गई और उसे कमरे में बंद कर मारपीट की थी। देर रात युवती को यह कहकर छोड़ा था कि शनिवार को फिर कोतवाली आएगी।

इससे क्षुब्ध युवती ने शनिवार सुबह ही घर पर फांसी लगा ली थी। परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया था। सीओ संतोष कुमार ने तहरीर लेकर परिजनों को शांत कराया था। सीओ के मुताबिक मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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